चुनावी मोड में आयें पदाधिकारी : आयोग

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बृहस्पतिवार को बिहार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवासन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर 17वीं लोकसभा चुनाव तैयारी की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने पदाधिकारियों को चुनावी मोड में आने की हिदायत दी। जिन व्यक्तियों की आयु एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष पूरी हो गयी है उनके नाम मतदाता सूची में डाले जायेंगे। इसके लिए राज्य और जिला में एकाउंट सेंटर स्थापित किये जायेंगे।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवासन ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में 18 जनवरी को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची की तैयारी को लेकर समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर बेस फोन से करने पर संबंधित जिले के एकाउंट सेंटर पर शिकायतें दर्ज की जायेंगी। इसके लिए बीएसएनएल के पदाधिकारियों से बातचीत की जायेगी। इसी तरह जिले में मोबाइल से फोन करने पर संबंधित जिले के एकाउंटर सेंटर पर शिकायत दर्ज की जा सके इसके लिए मोबाइल कंपनियों के पदाधिकारियों से बातचीत की जायेगी। जिले के सभी मोबाइल टॉवरों की मैपिंग की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला और राज्य स्तर पर एकाउंट सेंटर खोलने में कोई कठिनाई नहीं होगी। राशि की कोई कमी नहीं है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा मतदान केंद्र अभिकर्ता की नियुक्ति में दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। इस संबंध में कई बार राजनीतिक दलों को पत्र लिखा गया है। इसके बावजूद कोई प्रगति नहीं दिख रही है। उन्होंने जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदादिकारी को भी अपने स्तर से राजनीतिक पार्टियों को मतदान केंद्र अभिकर्ता की नियुक्ति के लिए पत्र लिखने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में मतदान केंद्रों की संख्या 62,680 थी। जो बढ़कर 72,723 हो गयी है। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवासन शुक्रवार को सभी जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर लोकसभा चुनाव तैयारी की समीक्षा करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में 18 जनवरी को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची और आयोग के टॉल फ्री नम्बर 1950 के माध्यम से जिला एकाउंट सेंटर पर मतदाता सूची में नाम जोड़वाने, सुधार करवाने, नाम हटवाने एवं मतदान केंद्र बदलवाने संबंधी शिकायत लेने से संबंधित तैयारी की समीक्षा की जायेगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की नयी दिल्ली में बैठक 11 व 12 कोपटना। भारत निर्वाचन आयोग ने 17 वीं लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक बुलायी है। बैठक 11-12 जनवरी को दिल्ली में होगी। बैठक में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भाग लेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक के बाद आयोग राज्यों का दौरा कर चुनाव तैयारी का जायजा लेगा। मालूम हो कि 16 वीं लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त हो रहा है। इससे पहले लोकसभा का चुनाव होना अनिवार्य है। इसी के मद्देनजर आयोग ने 17 वीं लोकसभा के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार की 40 लोकसभा सीटों के लिए 45 निवार्ची पदाधिकारी (आरओ) की नियुक्त की है। इनमें 38 जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी और सात अपर समाहर्ता स्तर के पदाधिकारी निर्वाची पदाधिकारी नियुक्ति किये गये हैं। इन पदाधिकारियों को छह चरणों में सात जनवरी से लेकर 22 फरवरी तक प्रशिक्षण दिल्ली में दिया जायेगा।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवासन ने बताया कि पहले चरण का प्रशिक्षण सात से 11 जनवरी तक आयोजित किया गया है। इस चरण में सात निर्वाची पदाधिकारी को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इनमें आरा के जिलाधिकारी नवल किशोर, रोहतास के जिलाधिकारी पंकज दीक्षित, औरंगाबाद के जिलाधिकारी राहुल कुमार महिवाल, गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह, नवादा के जिलाधिकारी कौशल कुमार, बेगूसराय के जिलाधिकारी राहुल कुमार और जहानाबाद के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष भाग लेंगे। दूसरे चरण का प्रशिक्षण शिविर 14 से 18 जनवरी तक आयोजित किया जायेगा। इस चरण में भी सात निर्वाची पदाधिकारी भाग लेंगे। इनमें मुंगेर के जिलाधिकारी आनंद शर्मा, जमुई के जिलाधिकारी धम्रेद्र कुमार, पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि, भोजपुर के जिलाधिकारी संजीव कुमार, बक्सर के जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह, भागलपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार और पश्चिम चंपारण के अपर समाहर्ता अंसर अहमद। तीसरे चरण का प्रशिक्षण शिविर 28 जनवरी से एक फरवरी तक आयोजित है। इस चरण में भी सात निर्वाची पदाधिकारी भाग लेंगे। इस चरण में सुपौल के जिलाधिकारी वैद्यनाथ यादव, अररिया के जिलाधिकारी हिमांशु शर्मा, किशनगंज के जिलाधिकारी महेंद्र कुमार, कटिहार की जिलाधिकारी पूनम, पूर्णिया के जिलाधिकारी प्रदीप कुमार झा, पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी डॉ.डीएन रामचंद्रा और पूर्वी चंपारण के अतिरिक्त समाहर्ता कुमार मंगलम प्रशिक्षण लेंगे। चौथे चरण का प्रशिक्षण चार से आठ फरवरी तक होगा। इस चरण में मधुबनी के जिलाधिकारी शीर्षत कपिल, मधेपुरा के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, दरभंगा के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह, समस्तीपुर के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह, खगड़िया के जिलाधिकारी अनिरुद्ध कुमार, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी मो.सोहील और बांका के जिलाधिकारी कुंदन कुमार प्रशिक्षण लेंगे। पांचवें चरण में 11 से 15 फरवरी तक आठ निर्वाची पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस चरण में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी रमण कुमार, सीतामढ़ी के डॉ.रंजीत कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता रंगनाथ चौधरी, सारण के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, वैशाली के जिलाधिकारी राजीव रौशन, समस्तीपुर के अपर समाहर्ता संजय कुमार उपाध्याय, गोपालगंज के जिलाधिकारी अनिमेश कुमार पराशर और सीवान की जिलाधिकारी रंजीता भाग लेंगी। छठे व अंतिम चरण का प्रशिक्षण 18 से 22 फरवरी तक चलेगा। इस चरण में बिहार के आठ निर्वाची पदाधिकारी भाग लेंगे। छठ चरण के प्रशिक्षण में शिवहर के जिलाधिकारी अरशाद अजीज, लखीसराय के जिलाधिकारी शोभेंद्रा कुमार चौधरी, अरवल के जिलाधिकारी सतीश कुमार सिंह, शेखपुरा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, सहरसा के जिलाधिकारी शैलजा शर्मा,पटना के अपर समाहर्ता बैजूद्दीन अंसारी, मधुबनी के अपर समाहर्ता दुर्गानंद झा और सारण के अपर समाहर्ता अरुण कुमार भाग लेंगे।

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