सुप्रीम कोर्ट से पी चिदंबरम को नहीं मिली फौरी राहत, मामला CJI को रेफर, दोपहर बाद हो सकती है सुनवाई

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सुप्रीम कोर्ट ने पी चिदंबरम को आईएनएक्‍स मीडिया मामले में फिलहाल फौरी राहत देने से मना कर दिया है. पी चिदंबरम मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस रमन्‍ना ने मामले को सीजेआई के पास रेफर कर दिया है. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्‍बल ने कोर्ट से राहत की मांग की थी. अब सुनवाई का वक्‍त और समय सीजेआई तय करेंगे. हालांकि इस बीच दोपहर बाद मामले की सुनवाई हो सकती है. इस दौरान पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्‍बल ने कहा कि उन्‍हें अपील करने का वक्‍त नहीं मिला. चिदंबरम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चार वकील पेश हुए. उधर मंगलवार रात से लापता पी चिदंबरम को अभी तक कोई पता नहीं चल पा रहा है.

INX मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें बुधवार सुबह तीसरी बार चिदंबरम की तलाश में उनके घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिले. इससे पहले मंगलवार देर रात सीबीआई के अधिकारियों ने चिदंबरम के घर के बाहर नोटिस चिपका दिया था. इस नोटिस में अगले दो घंटे के अंदर पेश होने के लिए कहा गया, लेकिन वह पेश नहीं हुए.

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इस बीच चिदंबरम के वकील अर्शदीप ने सीबीआई को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई के लिए 10.30 का समय तय किया है. इसलिए मैं अनुरोध करता हूं कि तबतक मेरे मुवक्किल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए और सुबह 10.30 बजे तक इंतजार करें.

दिल्‍ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमें पी चिदंबरम के घर पहुंचीं, लेकिन वे नहीं मिले. दोनों टीमें उनके घर से लौट गईं. देर रात तक उनकी गिरफ्तारी की संभावना थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. CBI ने उनके घर नोटिस चिपका दिया है, जिसमें उन्हें 2 घंटे के अंदर हाजिर होने को कहा गया था.

INX मीडिया केस में गिरफ्तारी से बचने को पी चिदंबरम ने दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई. उनकी याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने कहा कि इस मामले में जो सबूत अदालत के समक्ष पेश किए गए हैं, उनसे प्रथमदृष्ट्या साबित होता है कि याचिकाकर्ता इस मामले (आईएनएक्स) का मुख्य साजिशकर्ता है.

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कोर्ट ने कहा कि चिदंबरम भले ही पूर्व वित्तमंत्री और मौजूदा सांसद हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि अहम पद पर बैठकर गलती नहीं की जा सकती, इसलिए यह जरूरी है कि याचिकाकर्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए. उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद चिदंबरम के पास गिरफ्तारी से बचने के लिए अब सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा ही बचा है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पी. चिदंबरम पर हुई कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर टिप्पणी की है. सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है कि – ‘भारत, मोदी सरकार द्वारा सबसे खराब प्रतिशोध का गवाह बन रहा है क्योंकि भाजपा एक पुलिस राज्य चला रही है. जज ने 7 महीने के लिए फैसला सुरक्षित रखा और रिटायरमेंट से 72 घंटे पहले सीबीआई / ईडी को छापे के लिए भेजा. एक सम्मानित पूर्व वित्त मंत्री इसके शिकार हैं.’

कांग्रेस के एक और नेता जयराम रमेश ने भी पी चिदंबरम का बचाव किया है. उन्होंने कहा है कि चिदंबरम के साथ उन्होंने 1968 से काम किया है और प्रियंका गांधी ने जो कुछ भी उनके बारे में कहा है वो बिल्कुल सही है.

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कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा- कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को गिरफ़्तार करने की कल रात से जो भी कोशिश हो रही हैं, मैं उसकी निंदा करता हूं.

कांग्रेस की महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करते हुए चिदंबरम का बचाव किया है. उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. साथ ही उन्होंने कहा है कि वो सब उनके साथ खड़े हैं.

सीबीआई (CBI) की टीम चिदंबरम को गिरफ्तार करने मंगलवार शाम करीब साढ़े 6 बजे उनके घर पहुंची थी, लेकिन उनके घर नहीं मिलने के 10 मिनट बाद वापस चली गई. सीबीआई टीम (CBI team) के वापस जाने के बाद करीब 7:30 बजे ईडी की टीम भी चिदंबरम के घर पहुंची. लेकिन तब भी चिदंबरम वहां मौजूद नहीं थे. इसके बाद सीबीआई की टीम फिर रात 11 बजे चिदंबरम के दिल्ली आवास पर पहुंची. लेकिन फिर भी नहीं मिले तो उनके घर बाहर नोटिस चिपका दिया. इस नोटिस में 2 अगले दो घंटे के अंदर पेश होने के लिए कहा गया, लेकिन वह पेश नहीं हुए.

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