चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता लाना जरूरी : टंडन

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राजभवन के सभाकक्ष में बृहस्पतिवार को राज्यपाल सह-कुलाधिपति लाल जी टंडन की अध्यक्षता में राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण-व्यवस्था की स्थिति एवं मेडिकल अस्पतालों में स्वास्य-सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई, जिसमें समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, स्वास्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, आर्यभट्ट ज्ञान विविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एके अग्रवाल, प्रतिकुलपति डॉ. एसएम करीम तथा पटना मेडिकल कॉलेज, पटना, दरभंगा मेडिकल कॉलेज, दरभंगा, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर, नालंदा मेडिकल कॉलेज, पटना, श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर, एएन मेडिकल कॉलेज, गया, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, बेतिया तथा वर्धमान इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, पावापुरी के प्राचार्यगण, राज्यपाल सचिवालय तथा स्वास्य विभाग के वरीय अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल लाल जी टंडन ने कहा कि राज्य में स्वास्य-सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है, आधारभूत संरचना के विकास के प्रयास हुए हैं, नये मेडिकल कॉलेज भी खुल रहे हैं, यह संतोष की बात है, परन्तु हमें और अधिक बेहतर प्रयासों के जरिये स्वास्य-सुविधाओं को विकसित करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि राजधानी पटना में पीएमसीएच, एम्स, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच जैसे स्वास्य-संस्थानों के जरिये बेहतर स्वास्य-सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं किन्तु हमें पीपीपी मोड में अन्य संस्थाओं को भी सुदृढ़ीकृत करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि बिहार जैसे प्रगतिशील राज्य में स्वास्य-सुविधाओं का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वास्य-सुविधाओं का अगर हम पर्याप्त विकास कर देते हैं तो राज्य के बाहर इलाज के नाम पर चली जाने वाली पूंजी राज्य के विकास में ही लगेगी। श्री टंडन ने कहा कि बेहतर स्वास्य-सुविधाओं की उपलब्धता के लिए जरूरी है कि हम चिकित्सा-शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनायें। राज्यपाल ने कहा कि देश के 450 मेडिकल कॉलेजों में प्रथम 100 में हमारे यहां के भी मेडिकल कॉलेज आ सकें, इसके लिए जरूरी है कि हम मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण-व्यवस्था में पर्याप्त सुधार लायें। श्री टंडन ने कहा कि राज्य में नये खुल रहे 11 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के बाद कुल सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 हो जाएगी। राज्यपाल ने कहा कि आधारभूत संरचना विकसित करने के साथ-साथ, यह भी जरूरी है कि उपलब्ध संसाधनों का समुचित इस्तेमाल एवं गुणवत्तापूर्ण विकास किया जाये।सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन की सुविधा का होगा विस्तारबैठक को संबोधित करते हुए स्वास्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि राज्य में प्रत्येक वर्ष 27 लाख जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं में लगभग 2.70 लाख मामलों में सिजेरियन ऑपरेशन की संभावना बनी रहती है। अतएव सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध कराना हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती है, जिसका समाधान किया जायेगा। प्रधान सचिव ने राज्यपाल के सुझाव के आलोक में राज्य में कम-से-कम देशी चिकित्सा-संस्थानों को कैंसर के इलाज के लिए ‘‘सुपर स्पेशलिटी केन्द्र’ के रूप में विकसित करने की बात बतायी। उन्होंने कहा कि आईजीआईएमएस सहित सभी मेडिकल अस्पतालों में शैय्याओं की संख्या बढ़ाई गई है एवं शिक्षण के स्तर में भी गुणवत्ता विकसित की जा रही है। राज्यपाल ने बैठक के दौरान राजभवन संचालित बिहार राज्य बाल कल्याण परिषद् के तत्वावधान में पटना खेतान मार्केट के अपोजिट में बनने वाले ‘‘बाल भवन’ तथा भंवर पोखर में बनने वाले ‘‘मातृ शिशु कल्याण केन्द्र’ के बारे में ‘‘प्रस्तुतीकरण’ को भी देखा तथा आवश्यक निर्देश दिये। राज्यपाल ने सभी मेडिकल कॉलेजों तथा नये बनने वाले ‘‘बाल भवन’ एवं ‘‘मातृ शिशु कल्याण केन्द्र’ के भवनों में ‘‘सोलर सिस्टम’ तथा ‘‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन’ की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया। बैठक में समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि ‘‘बाल भवन’ और ‘‘मातृ शिशु कल्याण केन्द्र’ के निर्माण में उनका विभाग हरसंभव सहयोग करेगा। 

समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने आर्यभट्ट ज्ञान विविद्यालय, पटना के कुलपति से कहा कि मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण-व्यवस्था में गुणवत्ता विकसित की जाये तथा परीक्षा-कैलेण्डर और अकादमिक कैलेण्डर का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए समय से परीक्षा-आयोजन करते हुए ससमय परीक्षाफल प्रकाशित किए जायें। राज्यपाल ने मेडिकल पाठ्यक्रमों की परीक्षा में पारदर्शिता और पूरी नियमितता बरतने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्य-सुविधाओं के विकास हेतु विशेषज्ञों की राय प्राप्त करने के लिए लोकसभा चुनाव के बाद एवं बृहद् राष्ट्रीय परिसंवाद सम्मेलन आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली, लखनऊ, चेन्नई, कोलकाता आदि देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों से विशेषज्ञों को आमंत्रित करते हुए एक ‘‘राष्ट्रीय परिसंवाद सम्मेलन’ आयोजित किया जाना चाहिए। श्री टंडन ने कहा कि चुनाव पूर्व भी कुछेक विशेषज्ञों के साथ बैठक कर चिकित्सा-शिक्षा एवं स्वास्य-सुविधाओं के विकास पर तात्कालिक आवश्यकताओंके लिहाजन सुझाव प्राप्त किये जा सकते हैं। बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। 

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