चाईबासा कोषागार से निकासी के मामले में लालू प्रसाद दोषी करार

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RANCHI CBI COURT ME CHARA GHOTALA MAMLE ME PESHI

लालू प्रसाद यादव, डॉ जगन्नाथ मिश्र, विद्यासागर निषाद समेत 50 लोगों को दोषी करार दिया गया.56 में 50 आरोपी दोषी पाये गये. 6 लोग बरी कर दिये गये.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद को चारा घोटाला के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में रांची की अदालत ने दोषी करार दिया है. जब यह घोटाला हुआ था तो वह बिहार के सीएम थे. यह 33.67 करोड़ के घोटाले का मामला है. लालू को दोषी करार दिए जाने पर आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद ने कहा कि हम पहले भी झटके झेल चुके हैं. अब हम दो स्‍तर पर लड़ाई लड़ेंगे एक कानूनी और दूसरी लड़ाई सड़क पर लड़ी जाएगी.
चारा घोटाला के चाईबासा मामले में बहस दस जनवरी को पूरी हो गई थी और मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया था. सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा के यहां स्थित एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से 33 करोड़, 67 लाख रुपये फर्जी ढंग से निकालने के मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश स्वर्ण शंकर प्रसाद की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया.

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मामले में श्री यादव और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र, विद्यासागर निषाद, जगदीश शर्मा, ध्रुव भगत और आर. के. राणा के अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन पूर्व अधिकारी फूलचंन्द्र सिंह, महेश प्रसाद, सजल चक्रवर्ती एवं एक ट्रेजरी अधिकारी आरोपी हैं। इसके अलावा इस मामले में 40 आपूतिकर्ता भी आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि चारा घोटाला का यह मामला चाईबासा कोषागार से 33 करोड 62 लाख रूपये की अवैध निकासी का है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद भले ही चारा घोटाला के एक अन्य मामले में जेल की सजा काट रहे हों, मगर आज यानी बुधवार भी उनके लिए काफी अहम दिन साबित होने वाला है. लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाला के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में आज बुधवार को कोर्ट का फैसला आएगा. बता दें कि लालू यादव चारा घोटाले के देवघर कोषागार से जुड़े एक मामले में दोषी पाये जाने के बाद रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं.
चारा घोटाला के चाईबासा मामले में में बहस दस जनवरी को पूरी हो गई थी और मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया था. सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा के यहां स्थित एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये फर्जी ढंग से निकालने के मामले में सीबीआई के विषेष न्यायाधीष स्वर्ण शंकर प्रसाद की अदालत बुधवार को फैसला सुनायेगी. दस जनवरी को अदालत ने इस मामले में अपना फैसला 24 जनवरी के लिए सुरक्षित कर लिया था.

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इससे पूर्व अभी छह जनवरी को रांची में ही सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने लालू यादव को देवघर कोषागार से जुड़े चारा घोटाले के एक मामले में साढ़े तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी.

नौ सौ पचास करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को जहां साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई. वहीं उनके दो पूर्व सहयोगी लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा को सात वर्ष की कैद एवं बीस लाख रुपये जुर्माना एवं बिहार के पूर्व मंत्री आर के राणा को साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख रूपये जुर्माने की सजा विशेष सीबीआई अदालत ने सुनाई. जिसके बाद जमानत के लिए उनके पास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई अन्य चारा नहीं बचा है.

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