घोटाले पर रिपोर्ट कार्ड लाएगा राजद

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Patna-Dec.1,2017-Leader of Opposition in Bihar Assembly Tejasvi Prasad Yadav is addressing a press conference at the campus of Bihar Assembly in Patna during last day of winter session. Photo by – Sonu Kishan.

पटना। बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों विधान सभा और विधान परिषद की बैठक शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। शीतकालीन सत्र में पांच बैठकें हुई, चार विधेयक पारित हुए और 9598.95 करोड़ रुपये के द्वितीय अनुपूरक बजट की स्वीकृति दी गयी।विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के समापन भाषण के साथ विधान सभा की कार्यवाही समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि चालू सत्र में बिहार विशेष सुरक्षा (संशोधन), बिहार कृषि बाजार प्रांगण भूमि अंतरण और बिहार आद्योगिक क्षेत्र विकास संशोधन विधेयक के साथ-साथ बिहार विनियोग (संख्या-4) विधेयक भी पारित हुआ। सदन के दौरान कुल 700 प्रश्न आये। इनमें 572 प्रश्न स्वीकृत किये गये। स्वीकृत प्रश्नों में 13 अल्प सूचित, 482 तारांकित एवं 77 अतारांकित थे। सदन में 39 प्रश्न उत्तरित हुए और 119 का जवाब सदन पटल पर रखे गये। कुल 137 निवेदन प्राप्त हुए जिसमें 136 स्वीकृत और एक अस्वीकृत किये गये। कुल 97 याचिकाएं प्राप्त हुई जिनमें 78 स्वीकृत एवं 19 अस्वीकृत की गयीं। 117 ध्यानाकर्षण सूचनाएं प्राप्त हुए जिनमें 136 स्वीकृत हुए। छह वक्तव्य हेतु स्वीकृत हुए तथा 109 सूचनाएं लिखित उत्तर हेतु संबंधित विभागों को भेजे गये।

विधानसभा के अंदर व बाहर राजद सदस्यों ने सत्ता पक्ष पर घोटाले व बढ़ते अपराध का हवाला देते हुए जमकर हमला बोला। सदन के बाहर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि वह घोटाले व बढ़ते अपराध को लेकर सरकार के खिलाफ रिपोर्ट कार्ड सामने लाएंगे। हंगामे के कारण प्रश्नोत्तरकाल और ध्यानाकर्षण नहीं हो सका। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में गिट्टी और बालू के खनन से संबंधित सरकार की नीति के कारण न सिर्फ विकास कार्य ठप है बल्कि हजारों लोग बेरोजगार हैं। उन्होंने नीतीश सरकार को गरीब विरोधी बताया और कहा कि गिट्टी और बालू के मुद्दे पर सदन में र्चचा कराने के लिए राजद शक्ति सिंह यादव ने कार्यस्थगन का प्रस्ताव दिया है जिसे मंजूर किया जाना चाहिए। राजद सदस्य कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर करने की मांग को लेकर शोरगुल तथा नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गये। इसपर संसदीय कार्यमंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार हर प्रश्न का जवाब देने को तैयार है। नियम के तहत कोई विषय सदन में उठाया जाता है तो सरकार उसका जवाब देती है। गिट्टी और बालू के मुद्दे सरकार ने विस्तार से जवाब दिया है लेकिन विपक्ष के नेता का मकसद सिर्फ सदन में हंगामा खड़ा करना रह गया है।सभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीट पर जाकर बात रखने का अनुरोध किया, लेकिन इसका राजद सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद सभाध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही 12 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी। सभा स्थगित होने के बाद राजद के सभी सदस्य सदन से बाहर आकर सरकर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। तेजस्वी का कहना है कि उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाया गया है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री व प्रतिपक्ष के नेता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं पर राज्य सरकार केवल जांच कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि जब सरकार में डबल इंजन लग गया तो इसका असर तो दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह आंकड़ो के आधार पर राज्य सरकार के खिलाफ रिपोर्ट कार्ड लाएंगे। पत्रकारों से बातचीत के समय तेजस्वी के साथ उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव भी मौजूद थे। उधर सभा की बैठक दोबारा 12 बजे शुरू हुई तो सभाध्यक्ष श्री चौधरी ने राजद के शक्ति सिंह यादव के कार्यस्थगन प्रस्ताव को नियमानुकूल नहीं होने के कारण नामंजूर कर दिया। इस पर श्री यादव ने कहा कि गिट्टी और बालू के व्यवसाय से जुड़े हजारो लोगों की रोजी-रोटी सरकार ने छीन ली है। सरकार के तुगलकी फरमान के कारण अब कोई अपने खेत से भी मिट्टी की ढुलाई नहीं कर सकेगा। सदन में इस मामले पर तुरंत र्चचा होनी चाहिए। इसके बाद राजद के सदस्य एक बार फिर शोरगुल और नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गये। सभाध्यक्ष ने शोरगुल के बीच ही विधायी कायरे को निपटाया और इसके बाद सभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी।

इधर भोजनावकाश के बाद द्वितीय अनुपूरक बजट पर र्चचा के दौरान राजद के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने आसन ग्रहण करते ही जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह को अनुदान मांग पेश करने को कहा। मंत्री के खड़े होते ही राजद के सभी सदस्य अपनी सीट पर खड़े होकर हंगामा करने लगे और जल संसाधन मंत्री से इस्तीफे की मांग करने लगे। हंगामे के कारण सदन को अव्यवस्थित देख सदन की कार्यवाही पांच मिनट के अंदर ही चार बजकर पचास मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि जल संसाधन मंत्री को बजट पेश करने का नैतिक अधिकार नहीं है। राज्य में आई बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हो गयी है। इसके जिम्मेवार जल संसाधन मंत्री ललन सिंह हैं। मौत के जिम्मेवार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जल संसाधन मंत्री ललन सिंह इस्तीफा दें। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि आपके पास 59 मिनट समय है। आप अपनी बात सदन में रखिये। नेता प्रतिपक्ष ने इसे मानने से इंकार कर दिया और राजद-कांग्रेस सदस्य बेल में आकर हंगामा करने लगे। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि जिसका पूरा परिवार घोटाले में फंसा हो, उसे भ्रष्टाचार पर बोलने का अधिकार नहीं है। सदन को अव्यवस्थित देख आसन ने सदन की कार्यवाही चार बजकर 50 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी।

4.50 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह सरकार का जवाब रखने लगे। मंत्री के खड़े होते ही राजद और कांग्रेस सदस्य सरकार विरोधी नारा लगाते हुए बीच सदन में आ गये। हंगामे के बीच मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को ज्ञान नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने जिस बटेश्वर स्थान नहर का मामला उठाया है। वह 2005 में ही तैयार हो गया था। जबकि एनटीपीसी ने 1990-92 में अंडर पास बनाया था। अगर इस नहर परियोजना में घोटाला हुआ है तो वह पूर्व की सरकार के कार्य काल में हुआ है। उस समय किसकी सरकार थी। यह भी नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिये। सदन से जल संसाधन विभाग का 537 करोड़ रुपये का अनुदान मांग बिना र्चचा के पारित हो गया।

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