गुजरात में बंपर वोटिंग, पहले चरण में 68 फीसद पड़े वोट

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अहमदाबाद : गुजरात चुनाव के पहले फेज में वोटिंग के दौरान शनिवार को पोरबंदर में ठक्कर प्लॉट के पोलिंग स्टेशन पर ब्लूटूथ से ईवीएम के कनेक्ट होने की शिकायत की गई। इसके बाद ईसी की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, जांच के बाद ईसी ने इस दावे को गलत बताया और कहा कि यह आसपास की किसी और डिवाइस के कनेक्ट होने का मामला था।कांग्रेस कैंडिडेट ने की थी शिकायत : यह शिकायत पोरबंदर से कांग्रेस कैंडिडेट अर्जुन मोढवाडिया ने की थी। कांग्रेस नेता ने कहा, ईवीएम में लगी चिप ब्लूटूथ के जरिए प्रोग्राम करने लायक लगती हैं और यह छेड़छाड़ की आशंका पैदा करती है। वोटिंग पण्राली बाहरी उपकरणों से ऐसे जुड़ाव से मुक्त होनी चाहिए। मोढवाडिया कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। चुनाव अयोग की टीम ने की जांच : ईसी की टेक्निकल टीम ने जांच के बाद दावा किया कि ईवीएम ब्लूटूथ से कनेक्ट नहीं हुई थी। ईसी की टीम के ईवीएम इंजीनियर एस आनंद ने मीडिया से कहा, ‘‘मोबाइल पर ब्लूटूथ ऑन करने पर आसपस की डिवाइस का नाम शो होता है। मोबाइल पर ईको 105 शो हो रहा था, जो इंटेक्स कंपनी का मोबाइल का कोड था। आप इस नाम को बदल भी सकते हैं। आप अपना नाम रख देंगे तो वही शो होगा।’ एरर की वजह से बदली गई कुछ : उधर, ईवीएम में गड़बड़ियों की शिकायत के सवाल पर डिप्टी डिस्ट्रक्ट इलेक्टोरल ऑफिसर योगेश ठाक्कर ने कहा, ‘‘‘‘इस तरह की काई शिकायत नहीं मिली है। एरर की वजह से कुछ ईवीएम को बदला गया है।’

 गुजरात में शनिवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 126 साल की सबसे बुजुर्ग महिला अजीबेन और एशियाई शेरों का घर कहे जाने वाले गिर के जंगल में केवल एक ही वोटर के लिए बने बानेज बूथ के मतदाता महंत भरतदास ने भी मतदान किया।126 साल की अजीबेन सिदाभाई चंद्रवाड़िया ने राजकोट जिले में धोराजी विधानसभा के तहत आने वाले अपने शहर उपलेटा में मत डाला। इसके बाद उन्होंने कहा कि मताधिकार का उपयोग लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। दूसरी ओर 2007 से हर चुनाव में गिर सोमनाथ (तत्कालीन जूनागढ़) में उना विधानसभा के गिर गढड़ा तालुका के तहत आने वाले बानेज में केवल एक वोटर के लिए बनने वाले बूथ पर शनिवार को भी इसके इकलौते मतदाता और महाभारत काल से संबंध रखने वाले वाणोश्वर मंदिर के महंत भरतदास (60) ने भी मतदान किया। केवल उनके लिए आठ मतदानकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की टीम इवीएम लेकर बूथ पर पहुंची थी। घने जंगल में स्थित इस मंदिर के आसपास शेर, तेंदुआ जैसे जंगली जानवरों को आना जाना रहता हैं। माना जाता है कि अजरुन ने माता कुंती की प्यास बुझाने के लिए इसी स्थान पर अपने बाण से धरती से पानी निकाल दिया था। किसी भी मतदाता को वोट देने के लिए दो किलोमीटर से अधिक नहीं जाने के चुनाव आयोग के नियम के तहत केवल एक वोटर के लिए घने जंगल में यह बूथ बनाया जाता है। पिछले 15 साल से इस मंदिर के महंत रहे भरतदास ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव तथा 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इसी तरीके से मतदान किया था।

गुजरात विधानसभा के लिए पहले चरण में दक्षिण और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के 19 जिलों की 89 सीटों पर हुए चुनाव में 68 फीसद मतदान हुआ। यह पिछले विधानसभा चुनाव की वोटिंग की तुलना में 2.75 फीसद कम है।शनिवार सुबह आठ बजे से शुरू हुआ मतदान शाम पांच बजे समाप्त हो गया पर निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी कई बूथ पर मतदाताओं की कतारें लगी थीं। उधर, कांग्रेस की ओर से पोरबंदर में तीन बूथ पर ईवीएम के ब्लू टूथ से जुड़े होने की शिकायत पर जांच के बाद पाया गया कि बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट के पास मौजूद फोन के ब्लू टूथ के चालू रहने से यह गफलत हुई। आमोद सीट के अछोद गांव में एक मतदाता ने उसका वोट दूसरे प्रत्याशी के खाते में जाने की शिकायत की पर उसने टेस्ट वोट में भाग लेने से इंकार कर दिया और वहां से चला गया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कई शिकायतें की हैं इनमें मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के जो स्वयं प्रत्याशी हैं, के मतदान के दौरान अहमदाबाद में संवाददाता सम्मेलन करने को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए की गई शिकायत भी है। गुजरात के चुनावी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनाव के दौरान सभाओं के टीवी चैनलों पर सीधे प्रसारण पर भी रोक की मांग की गई थी पर मतदान की समाप्ति तक ऐसा होता रहा। पार्टी ने एक बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी का बटन कथित तौर पर काम नहीं करने और भावनगर के एक बूथ पर जानबूझ कर मतदान धीमा कराने की शिकायत की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीबी स्वेन ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच कराई जा रही है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने यहां पत्रकारों से कहा कि हार सामने देख कर ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। ये आरोप मतगणना के बाद और जोर शोर से लगाए जाएंगे। कुछ जगहों पर ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के चलते मतदान शुरू होने में विलंब हुआ। जामनगर के सोरठी तथा ध्रोल के गज्जडी समेत कुछ अन्य स्थानों पर लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया।सुबह जल्दी मतदान करने वाले प्रमुख राजनेताओं में विजय रूपाणी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल, पूर्व अध्यक्ष अजरुन मोढ़वाडिया, मंत्री बाबू बोखिरिया, गणपत वसावा, केंद्रीय मंत्री पुरु षोत्तम रूपाला आदि शामिल थे। 

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