गुजरात में तूफान ‘वायु’ की दहशत, तटीय इलाकों में हाई अलर्ट, एनडीआरफ की टीम गुजरात पहुंची

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गुजरात में चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से दहशत फैल गई है. इस तूफान से निपटने के लिए गुजरात प्रशासन हाई अलर्ट पर है. ‘वायु’ के कल वेरावल के पास तट पर पहुंचने की संभावना है. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मंगलवार को कहा कि तटीय इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा.

ओडिशा में अपनाई गई तकनीक को सीखेगी गुजरात सरकार
मौसम संबंधी हालिया रिपोर्ट के अनुसार चक्रवात ‘वायु’ वेरावल तट के करीब 650 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और अगले 12 घंटे में इसके तीव्र चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है. यह तूफान 13 जून तक राज्य के तट पर पहुंच सकता है. रूपाणी ने कहा कि कच्छ से लेकर दक्षिण गुजरात में फैले समूची तटरेखा को हाई अलर्ट पर रखा गया है. उन्होंने कहा कि चक्रवात फोनी के दौरान ओडिशा में अपनायी गयी आपदा प्रबंधन तकनीक को सीखने और उन्हें लागू करने के लिये गुजरात के संबंधित अधिकारी ओडिशा सरकार के साथ संपर्क में हैं.

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मौसम संबंधित कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द- रुपाणी
हाल में राज्य चक्रवात फोनी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. उन्होंने बताया कि हमने सभी संबंधित कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें ड्यूटी पर आने का निर्देश दिया गया है. कल मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सभी मंत्री राहत और बचाव अभियान का जायजा लेने के लिये विभिन्न जिलों में जायेंगे.

तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजेंगे- रुपाणी
उन्होंने कहा कि 13 और 14 जून हमारे लिये बहुत अहम हैं. हमने सेना, एनडीआरएफ, तटरक्षक और अन्य एजेंसियों से राहत और बचाव कार्य के लिये मदद मांगी है. मानवीय क्षति कम से कम हो इसके लिये हमलोग कल से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजेंगे. गुजरात बंदरगाह और यातायात विभाग की प्रधान सचिव सुनैना तोमर ने बताया कि राज्य के सभी बंदरगाहों पर आपदा प्रबंधन योजना लागू की गयी है.

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एनडीआरफ की टीम भारतीय वायुसेना के विमान IAF C-17 से पहुंची. एक दिन पहले ही गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग कर ‘वायु’ से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने राज्य, केंद्र सरकार के मंत्रियों और एजेंसियों को हर हालात से निपटने के लिए निर्देश दिए.
इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट के डीडीजी केएस होसालिकर ने यह भी कहा, चक्रवात से हवाई सेवा को भारी खतरा हो सकता है. बुधवार और गुरुवार को समुद्र की लहरें और ऊंची उठ सकती हैं. समुद्री तटों पर मछुआरों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं.

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