गांधीजी के परिवार की उपज हूं, गांधीवादी नहीं हूं :गोपाल कृष्ण गांधी

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Patna-Feb.10,2019-Ex-governor West Bengal and grandson of Mahatma Gandhi, Gopal Krishna Gandhi is delivering his lecture during Takshila Lecture at Adhiveshan Bhawan in Patna.
पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल व महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा है, ‘मैं गांधीजी के परिवार की उपज हूं, गांधीवादी नहीं हूं. आज के चमकते उपभोक्तावादी समाज का हिस्सा हूं’. उन्होंने देश की लोकतंत्र की प्रशंसा की और कहा कि जीत हमेशा मतदाता की होती है.
गांधीजी की तस्वीर पर गोली मारने की घटना पर कहा कि निधन के 70 साल बाद भी उनकी आत्मा से लोग भयभीत हैं. बंटवारे को यह आत्मा कामयाब नहीं होने देगी. रविवार को अधिवेशन भवन में टिस और तक्षशिक्षा एजुकेशनल सोसायटी की ओर से आयोजित लेक्चर में ‘भारतीय लोकतंत्र के लिए समकालीन चुनौतियां’ विषय पर गोपाल कृष्ण गांधी ने विचार रखे. उन्होंने कहा,  हम नंबर नहीं, नागरिक हैं.
हमारी अपनी पहचान है. बाबा साहब ने कहा था कि नागरिक की पहचान नागरिकता से होती है. उन्होंने कहा कि पैसे के बूते जो सत्ता में आता है, वह कुर्सी संभालते ही कर्जदार हो जाता है. उसे कर्ज चुकाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि हम शिक्षित भले ही न हों, पर पारखी जरूर हैं. वोट सोच-समझकर देते हैं.
पॉलिटिशियन खराब हैं, पॉलिटिक्स नहीं : गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा कि पॉलिटिशियन खराब हैं, पॉलिटिक्स नहीं. पॉलिटिक्स कभी खराब नहीं होती है. जयप्रकाश नारायण इसके उदाहरण हैं. आज वह नहीं हैं, परंतु उनका प्रकाश है. उन्होंने कोलकाता में सीबीआइ और पश्चिम बंगाल सरकार के विवाद का बिना नाम लिये कहा कि फौजी रूपी सरकार है.
हाल ही में आसपास फौज आयी थी. इस तरह का हिंदुस्तान कभी नहीं रहा. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में लोकतंत्र को ठेस पहुंची थी. 1971 में जिस पार्टी को भारी जीत मिली थी,  1977 में हार का सामना करना पड़ा था. देश के मतदाता समझदार हैं. इस पर गर्व  होना चाहिए.
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