गरीब महिलाओं के सिजेरियन प्रसव के लिए 10 हजार खर्च करेगी सरकार : मंगल

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पटना : अब ठेले, रिक्शे व मोटरसाइकिल से परिजनों द्वारा शव को ले जाने पर सिविल सर्जन नपेंगे। राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों से ठेले, रिक्शे व मोटरसाइकिल के जरिये परिजनों द्वारा शवों को ले जाने संबंधी मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए नीति निर्धारण कर दी है। स्वास्य विभाग ने सूबे के सभी सरकारी अस्पतालों में 31 अक्टूबर तक पर्याप्त शव वाहन उपलब्ध कराने का आदेश जारी कर दिया है। ऐसे में यदि शवों को ठेले, रिक्शे या मोटरसाइकिल समेत इतर आपत्तिजनक तरीके से ढोये जाने की सूचना मिलने पर तत्काल सिविल सर्जन की जिम्मेवारी तय कर दी है।सूबे के स्वास्य विभाग के मंत्री मंगल पाण्डेय ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सूूबे की 11 करोड़ जनता को बेहतर स्वास्य सुविधाएं देने के लिए निचले स्तर से लेकर ऊपरी स्तर पर गहन विभागीय समीक्षा की गई है। हर बिन्दु पर र्चचा करने के बाद यह तय किया गया कि अगले पांच महीने में सूबे के हर अस्पतालों में अच्छी व्यवस्था दिखाई देने लगेगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को पर्याप्त शव वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो एंबुलेंस खराब पड़ी हैं उन्हें दुरुस्त कर शव वाहन के रूप में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। 31 अक्टूबर तक सभी अस्पतालों में पर्याप्त शव वाहन उपलब्ध हो जाएंगे। श्री पाण्डेय ने कहा कि अब सूबे की गरीब महिलाओं को भी सिजेरियन प्रसव की सुविधा सुलभ हो जाएगी। राज्य सरकार ने इस योजना की स्वीकृति दे दी है। सरकारी अस्पतालों में एक महिला के सिजेरियन प्रसव में सरकार 10 हजार रुपये खर्च करेगी। इसके लिए बाहर से आवश्यक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद ली जाएगी। स्वास्य मंत्री ने बताया कि अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को सरकार द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। यदि आउटसोर्सिग एजेंसी द्वारा गुणवत्तापूर्वक सेवा प्रदान नहीं की जाती है तो उसका अनुबंध रद्द करते हुये नयी एजेंसी का चयन किया जाएगा। अस्पताल के अंदर दवाओं की उपलब्धता डिस्प्ले बोर्ड पर बोल्ड अक्षरों में दवा वितरण केन्द्र के आगे प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। अगले छह माह में सभी सदर अस्पतालों को सुदृढ़ कर जिलास्तरीय सभी स्वास्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय। श्री पाण्डेय ने मंत्री बनने के बाद पहली आधिकारिक प्रेस वार्ता में कहा कि राष्ट्रीय स्वास्य मिशन के तहत डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए शीघ्र ही भारी संख्या में नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर तक 458 विशेषज्ञ व 476 एमबीबीएस डॉक्टरों की नियुक्ति कर ली जाएगी।

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