गरीबों, किसानों को निराश करने वाला बजट : मांझी

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PATNA VIDHAN SABHA MEIN EX CM JITAN RAM MANJHI PRESS KO SAMBODHIT KERTE

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बजट को पूरी तरह किसानों, दलितों एवं अन्य समाज के गरीबों के लिए निराशा से भरा कहा है। उन्होंने बजट को किसान, मजदूर एवं दलित विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि जहां विकास दर कुछ वर्ष पूर्व 13 प्रतिशत की जगह पर पिछले वर्ष 2 प्रतिशत आ गयी है। इससे बिहार के 76 प्रतिशत किसानों की परेशानियां बढ़ी हैं। एक तरफ बेरोजगारी बढ़ी है तो दूसरी तरफ कृषि की उत्पादकता प्रभावित हो रही है। मांझी ने कहा कि इस बजट में अनुसूचित जाति-जनजाति को नियोजित करने का कोई प्रयास नहीं हुआ है। नौकरियों में बैकलॉग की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। स्थापना मध्य में कटौती कर अनुसूचित जाति जनजाति का बैकलॉग पूरा करने की दिशा में साफ नकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। मांझी ने कहा कि किसानों को बिजली मुहैया कराने की बात तो हो रही है पर विभिन्न कंपनियों एवं विद्युत बोर्ड के द्वारा विद्युत विपत्र के जरिये किसानों की परेशानियां बढ़ाई जा रही हैं। इस समस्या के हल का कोई निदान इस बजट में नहीं है ।उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बजट राशि बढ़ाई गई है,पर शिक्षण व्यवस्था की सुविधा की दिशा में कोई रूपरेखा तैयार नहीं की गयी है। सरकारी विद्यालय में नामांकित गरीब के बच्चे को ही सिर्फ छात्रवृत्ति, साइकिल, पोशाक के लिए राशि मिलती है, पर वास्तव में 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे निजी विद्यालय में अध्ययन के लिए बाध्य हो रहे हैं। सरकार का नकारात्मक सोच के चलते सामान्य शिक्षा एवं सबों के लिए शिक्षा की नीति को दरकिनार किया जा रहा है।

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