खून के आंसू रुला रहीं प्याज की बढ़ती कीमतें

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पटना -महंगाई से परेशान मसौढ़ीवासियों के प्याज की आसमान छूती कीमतों ने होष उड़ा दिए हैं। खासकर शादी-ब्याह के इस मौसम में प्याज के भाव ने भोजन के कई आइटम का स्वाद बिगाड़ दिया है। हाल है कि गरीबों के रसोई से प्याज दूर हो गया है। मसौढ़ी बाजार में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। प्याज के भाव से न सिर्फ लोगों के रसोई का बजट गड़बड़ा गया है बल्कि इसने लोगों को खून के आंसू रोने को विवश कर दिया है। जब केन्द्र में बीजेपी के अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी तो उस वक्त भी प्याज की कीमत सातवें आसमान पर पहुंच गयी थीं और इस पर कई भोजपूरी एवं मगही गाने भी बने थे। एक बार फिर जनता ने बीजेपी के नरेन्द्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया तो पुन: प्याज की कीमतें बढ़ गई। इस बार भी प्याज की बढ़ती कीमतों पर कलाकर मगही व भोजपुरी गाने बना रह हैं। जैसे, ‘‘का हो नीतीश चाचा प्यजवा अनार हो गईल, देखù मोदी काका आम जनतवा परेशान हो गईल।’ यहां के थोक एवं खुदरा दुकानदार साफ कहते हैं कि जब हमें ही महंगे दर पर प्याज मिल रहा है तो हम सस्ते दर पर कैसे बेच सकते हैं। बताया जाता है कि प्याज का आयात कम हो रहा है इसीलिए कीमतों में इजाफा हो रहा है। लोगों की मानें तो जीएसटी लागू कर सरकार ने रोजमर्रा के समानों में तो वृद्धि कर ही दी है, प्याज की आसमान छूती कीमतें खून के आंसू रुला रही हैं। लोगों ने केन्द्र व राज्य सरकार से प्याज के बढ़ते भाव पर अंकुश लगा सस्ते दर पर उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही रोजर्मे के सामानों की कीमतों में वृद्धि पर रोक लगाई जाए।

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