खगड़िया में गंगा में नाव डूबी, छह मरे ,मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये

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खगड़िया : परबत्ता थाना क्षेत्र के तेमथा करारी पंचायत में मंगलवार को गंगा में नाव डूबने से छह लोगों की मौत हो गई। सभी मृतकों के शवों को बरामद कर लिया गया है। जिलाधिकारी जय सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मुआवजा दिया जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंगलवार को दिन में 11 बजे तेमथा, सिराजपुर, श्रीरामपुर ठुट्ठी, जानकीचक गांवों के किसान व मजदूर नाव से गंगा पार कर रहे थे। इसी बीच नदी में नाव डूब गई। इस घटना में आधा दर्जन लोग डूब गए जबकि आठ लोग तैरकर नदी से बाहर निकल गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तथा प्रशासन की टीम पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। इस घटना में सिराजपुर निवासी इन्दु देवी पति राजेश ठाकुर, शर्मा टोला तेमथा की टुशा देवी पति हाको शर्मा तथा शर्मा टोला तेमथा के अघोरी शर्मा समेत छह लोगों की डूबकर मौत हो गई। इधर, जिलाधिकारी जय सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होने कहा कि सभी षवो का पोस्टमार्टम परबत्ता में ही कर दिया जायेगा।

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मंगलवार को नाव दुर्घटना में आधा दर्जन लोगों की मौत के बाद वर्ष 2009 में घटी फूलतोड़ा नाव हादसा की याद ताजी हो गई। मालूम हो कि दशहरा मेला देखकर लौट रहे 76 लोगों से लदी नाव बागमती में जल समाधि ले ली थी। 65 लोगों के शव निकाले गए थे। शेष लोगों का आठ साल बाद भी अता-पता नहीं चल पाया। हैरत की बात तो यह भी है कि जल समाधि लिए नाव का भी अब तक अता-पता नहीं चला है। इस भीषण हादसे के बाद सरकार व प्रशासन की नींद उड़ गई थी। उसी समय बंगाल फेरी एक्ट के तहत नाव परिचालन कराने की याद आई। सरकार ने इस आलोक में नियम भी बनाया। तत्कालीन डीएम के समय अलग-अलग टीम बनाई गई। सूत्रों की मानें तो जिले में बिना घाट और नाव के निबंधन के भी नाव परिचालन होता है। इसकी सूची प्रशासन के पास भी नहीं है। ऐसे नाव बिना प्रशिक्षित नाविक चलाते हैं और जब हादसा हो जाता है तब पता चलता है कि वहां भी नाव चल रही थी। बहरहाल, फूलतोड़ा नाव हादसा से यदि सबक लिया जाता, तो शायद आज नाव दुर्घटना नहीं होती।

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मृतकों की सूची: सिराजपुर गांव की इंदु देवी (पति राजेश ठाकुर), प्रहलाद चौधरी, हरिजन टोला, सिराजपुर के कैलाश दास और तेमथा की टूसा देवी (पति हकरू शर्मा), रेणु देवी (पति कमलेश्वरी शर्मा) व अघोरी शर्मा ।’

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