क्रिकेट का महाकुंभ, 01दिन शेष

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आइसीसी के 12वें क्रिकेट वर्ल्ड कप का आगाज 30 मई से इंग्लैंड एंड वेल्स में होने जा रहा है। सभी 10 टीमों ने खिताब पर दावेदारी जमाने के लिए कमर कस ली है। 46 दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 48 मैच होंगे। इस बार राउंड रॉबिन फॉर्मेट में हर टीम एक-दूसरे से एक-एक मैच खेलेगी। जिसके बाद टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी और आखिर में दो टीमें विश्व कप फाइनल का मुकाबला खेलेंगी।

वर्ल्ड कप 2019 का आयोजन इंग्लैंड और वेल्स की संयुक्त मेजबानी में 30 मई से 14 जुलाई तक होगा। 46 दिन तक चलने वाले क्रिकेट के इस महाकुंभ में 10 टीमें भाग लेंगी और 11 मैदान इसकी मेजबानी का गवाह बनेंगे। उद्घाटन मुकाबला मेजबान इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच 30 मई को ओवल मैदान पर खेला जाना है।

वहीं, मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया एक जून को ब्रिस्टल में विश्व कप क्वालीफायर चैंपियन अफगानिस्तान के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। दो बार का चैंपियन भारत पांच जून को साउथेंप्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगा। इसके अलावा चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भारत का महामुकाबला 16 जून को मैनचेस्टर में खेला जाना है।

टूर्नामेंट सिंगल लीग फॉरमेट में खेला जाएगा और लीग के 45 मैच होने के बाद टॉप चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। दोनों सेमीफाइनल मुकाबले 9 जुलाई को मैनचेस्टर और 11 जुलाई को बर्मिंघम में खेले जाएंगे। फाइनल 14 जुलाई को लॉर्डस में होगा। इस तरह से विश्व कप में कुल 48 मैच खेले जाएंगे। इनमें से आठ मैच डे-नाइट होंगे। दोनों सेमीफाइनल और फाइनल मैच के लिए रिजर्व दिन रखे गए हैं। सबसे ज्यादा छह मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले जाएंगे, जिसमें पहला सेमीफाइनल भी शामिल है।’

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इंग्लैंड एंड वेल्स में गुरुवार से शुरू हो रहे आइसीसी वर्ल्ड कप में इस बार भारत के सबसे सफल कप्तान धौनी खेल रहे हैं, लेकिन कप्तानी कोहली के हाथों में हैं. देखा जाये, तो विश्व कप में सबसे अधिक बार कप्तानी मो अजहरुद्दीन ने तीन बार की है, लेकिन सबसे सफल कप्तानों की बात करें, तो वह कपिल देव और धौनी रहे हैं. कोहली सातवें ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनको वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करने का मौका मिल रहा है. सचिन के बाद रन मशीन बने विराट कोहली से इस बार क्रिकेट प्रशंसकों ने बड़ी उम्मीद लगायी है.

एस. वेंकटराघवन
1975 और 1979 विश्व कप में 
एक समय टेस्ट क्रिकेट में भारत के दिग्गज स्पिनर रहे एस वेंकटराघवन वर्ल्ड कप में भारत के पहले कप्तान थे. 1975 में हुए पहले वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. भारत को सिर्फ एक जीत मिली, वो भी इस्ट अफ्रीका के खिलाफ. 1979 में हुए दूसरे वर्ल्ड कप में भी वेंकटराघवन को ही टीम की कमान सौंपी गयी थी. इस वर्ल्ड में भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत पायी. यहां तक कि श्रीलंका जैसी नयी टीम से भारत हारा.
कपिल देव
भारत के सबसे महान तेज गेंदबाज और सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर कपिल देव ने भारत को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाया था. 1983 में भारत के वर्ल्ड चैंपियन बनने में कपिल देव ने सही मायनों में टीम लीडर का रोल निभाया. जिंबाब्वे के खिलाफ कपिल के 175 रन आज भी वर्ल्ड कप की सबसे बेहतरीन इनिंग्स में से एक है. वर्ल्ड कप में कपिल टीम के टॉप स्कोरर थे.
मोहम्मद अजहरुद्दीन
अपने वक्त के सबसे स्टाइलिश बल्लेबाजों में से एक अजहर ने तीन वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की कप्तानी की. अजहर ने अपने कॅरियर में काफी रन बनाये, लेकिन बतौर कप्तान वर्ल्ड कप में वो ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाये. उनकी कप्तानी में भारत 1992 में लीग स्टेज से ही बाहर हो गया था, जबकि 1996 में सेमीफाइनल मैच में सफर खत्म हो गया था.
 
सौरभ गांगुली
भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक सौरभ गांगुली टीम इंडिया के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से भी एक थे. खासतौर पर वनडे क्रिकेट में गांगुली ज्यादा आक्रामक और प्रभावी थे. 2003 वर्ल्ड कप में गांगुली टीम इंडिया के कप्तान थे. गांगुली ने न सिर्फ टीम को मजबूती से खड़ा किया. फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार ने टीम इंडिया समेत पूरे देश का दिल तोड़ दिया था, लेकिन गांगुली और उनकी टीम ने सबको प्रभावित किया था. गांगुली सचिन के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे.
राहुल द्रविड़
द्रविड़ भारत के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं. हालांकि कप्तानी में द्रविड़ को वो सफलता हासिल नहीं हो पायी, जिसके वो हकदार थे.राहुल द्रविड़ 2007 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के कप्तान थे. यह विश्व कप भारत के लिए सबसे निराशाजनक रहा.
एमएस धौनी
धौनी को दुनिया के सबसे बेहतरीन कप्तानों में से एक माना जाता है. धौनी की कप्तानी में भारत 2007 वर्ल्ड टी-20 चैंपियन बना व 2011 में 28 वर्ष बाद वनडे विश्व चैंपियन बना.

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