कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले पांच लाख से अधिक सरकारी कर्मियों के लिए खुशखबरी

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के पांच लाख से अधिक कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले सरकारी कर्मियों को बंपर तोहफा देने की तैयारी में हैं. कॉन्ट्रैक्ट यानि संविदा पर नियुक्त हुए कर्मचारियों की मांग को पूरी करने के लिए सरकार नया स्कीम लेकर आने वाली है. तैयार की गई रिपोर्ट को समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी सौपेंगे. समिति ने संविदा कर्मियों के लिए कई अनुसंशा की है जिसका लाभ सभी को मिलेगा. अब हर साल कॉन्ट्रैक्ट के रिन्युअल की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी बल्कि एक बार ही दूसरे सरकारी कर्मियों की तरह 60 साल की उम्र तक सर्विस करेंगे.

यानि अब रिन्युअल के प्रावधान को ख़त्म किया जाएगा. सरकारी कर्मचारियों की तरह अवकाश समेत अन्य सुविधाएं मिलेगी. इसके साथ ही महिलाओं को मातृत्व अवकाश का लाभ भी दिया जाएगा. रोज काम करने वाले दैनिक भोगी कर्मियों को भी सभी लाभ देने की अनुसंशा की गयी है. संविदाकर्मियों के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति 15 अगस्त के पहले रिपोर्ट देगी. रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. उच्चस्तरीय समिति का कार्यकाल 12 अगस्त तक है.

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अनुशंशा लागू होने से कॉन्ट्रैक्‍ट कर्मचारियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

    • 60 साल की उम्र तक कॉन्ट्रैक्ट होंगे, कॉन्ट्रैक्ट को हर साल रिन्युअल नहीं कराना पड़ेगा.
    • बेसिक सैलरी के हिसाब से महंगाई भत्‍ता दिया जाएगा.
    • मेडिकल की सुविधा दी जाएगी.
    • यात्रा और घर का भत्‍ता भी दिया जाएगा.
    • ईपीएफ खाते में पैसे जमा किए जाएंगे.
    • कैजुअल लीव (सीएल) और अर्न लीव (ईएल) छुट्टी की सुविधा मिलेगी.
    • महिलाओं को प्रेग्‍नेंसी के लिए पांच महीने की छुट्टी मिलेगी.
    • पुरुषों को भी पिता बनने की छुट्टी मिलेगी.
    • चार साल में एक बार एलटीए मिलेगा.
    • 15 दिन लगातार गायब रहने पर ही निकाले जा सकेंगे.
    • प्रशिक्षण में भेजे जाने पर मिलेगा आवागमन का खर्च.
    • स्थाई सरकारी कर्मियो की तरह अवकाश मिलेगा.
    • पांच माह का मातृत्व अवकाश मिलेगा.

समिति का गठन 28 अप्रैल 2015 को किया गया था. उस समय यह कहा गया था कि तीन महीने में समिति रिपोर्ट देगी. लेकिन संविदाकर्मियों की संख्या बड़ी होने की वजह से रिपोर्ट तैयार करने में समय लगा. विभिन्न मामलों में न्यायालयों के आदेश का भी अध्ययन किया गया. इस कारण समिति का कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा. अगस्त 2018 तक कार्यकाल बढ़ाया गया.

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