कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों को मंजूरी ,सरकारी कर्मचारियों को मकान बनाने के लिए मिलेंगे 25 लाख

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राज्य सरकार के कर्मचारियों को मकान बनाने के लिए अब 25 लाख रुपये लोन स्वरूप दिये जायेंगे। पहले इस एवज में 7.50 लाख रुपये दिये जाते थे, जिसमें बढ़ोतरी की गयी है। राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को मोटरकार और मोटरसाइकिल खरीदने के लिए दी जाने वाली अग्रिम राशि के प्रावधान को खत्म कर दिया है।ये फैसले सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिये गये। बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को मोटरकार एवं मोटरसाइकिल की खरीद के लिए दी जाने वाली अग्रिम राशि को समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र के प्रावधानों के अनुरूप राज्य सरकार के सेवी वर्ग के लिए पहली मोटरकार की खरीद पर दी जाने वाली पांच लाख रुपये एवं दूसरी मोटरकार पर चार लाख रुपये तथा पहली मोटरसाइकिल पर30 हजार रुपये एवं दूसरी मोटरसाइकिल पर 24 हजार रुपये की राशि को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को मोटरकार खरीदने के लिए दी जाने वाली आठ लाख रुपये की अग्रिम राशि को समाप्त करने के प्रस्ताव स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रधान सचिव ने बताया कि हालांकि राज्य सरकार के सेवी वर्ग को गृह निर्माण के लिए वर्तमान में सात लाख 50 हजार रुपये बतौर लोन दिये जाते हैं, जिसे अब बढ़ाकर 25 लाख रुपये तथा गृह वृहद्दीकरण के लिए दी जाने वाली एक लाख 80 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, वर्तमान में प्रथम कम्प्यूटर अग्रिम राशि की अधिकतम सीमा 80 हजार रुपये एवं न्यूनतम 30 हजार रुपये, द्वितीय कम्प्यूटर अग्रिम की अधिकतम सीमा 75 हजार रुपये एवं न्यूनतम 30 हजार रुपये है, लेकिन अब कर्मचारी अपने पूरे सेवा काल में पांच बार 50 हजार रुपये ले सकेंगे।श्री सिंह ने बताया कि बैठक में बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम 2018 के तहत विद्युत शुल्क की दरें निर्धारित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि इसके तहत राज्य में पहले से लागू बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम 1948 को निरसित करते हुए इसके स्थान पर नये बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम 2018 को प्रख्यापित किया गया है। परिणामस्वरूप पुराने अधिनियम के अनुरूप लागू बिजली शुल्क की दरें निष्प्रभावी हो गयी हैं। उन्होंने बताया कि नये अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के तहत विद्युत शुल्क की दरों को निर्धारित एवं अधिसूचित किये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रधान सचिव ने बताया कि दरभंगा में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की शाखा खोले जाने के लिए एसटीपीआई को तथा मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की अतिरिक्त शाखा खोले जाने के लिए उसे 30 वर्ष की लीज के माध्यम से भूमि के नि:शुल्क हस्तांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि रेल जिला पटना के अंतर्गत फतुहा-इस्लामपुर रेलखंड पर हिलसा में रेल थाने का सृजन एवं उसके संचालन के लिए कुल 97 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

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