केंद्र में कर्नाटक दोहराने की साजिश सफल नहीं होगी : सुशील मोदी

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 उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केंद्र में कर्नाटक दोहराने की विपक्षी साजिश को जनता कभी सफल नहीं होने देगी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्य की 6.5 करोड़ जनता के प्रति नहीं, उस कांग्रेस के प्रति जवावदेह हैं, जो केवल दो लोगों के फैसले से चलती है। 37 विधायकों की पार्टी के नेता कुमारस्वामी ने वह कड़वी सचाई स्वीकार की, जिससे लोकतंत्र कलंकित हुआ है। श्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि लोगों पर ऐसी सरकार थोपने के लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। भाजपा विरोध के नाम पर व्यक्ति प्रधान पार्टियों को जोड़कर 2019 में देश को नया नेतृत्व देने की महत्वाकांक्षा रखने वाले शरद यादव मानते हैं कि न तो राजनीतिक स्थिरता मायने रखती है, न यह बात कि विपक्ष का नेता कौन होगा। जब बिहार में वे राबड़ी-तेजस्वी को भी नेता मान गए, तो लगता है कि वे 1989 और 1996 की कमजोर सरकारों से कोई सबक लेना नहीं चाहते। केंद्र में कर्नाटक दोहराने की विपक्षी साजिश को जनता कभी सफल नहीं होने देगी।

आदेश नहीं मानने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सभी अस्पताल बायोमेडिकल कचरे का समुचित निष्पादन करें नहीं तो सरकार कार्रवाई के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंतण्रपर्पद ने 24,303 अस्पतालों के सव्रेक्षण के बाद 2,038 को नोटिस जारी किया है। स्वास्य विभाग की ओर से 784 करोड़ की 301 योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन के लिए आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि 10 बेड से ज्यादा के सरकारी अस्पतालों में सरकार 75 हजार से 5 लाख तक की लागत से ईटीपी लगायेगी। सरकार नर्सिंग कॉलेज, आई बैंक की स्थापना ही नहीं, बल्कि मेडिकल कचरे के निष्पादन को लेकर भी सचेत है। पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट की सुविधा है। पीएमसीएच, कटिहार और किशगंज में भी इंसीलेटर की व्यवस्था की गयी है। फिलहाल 16 टन कचरा निष्पादन की इसकी क्षमता है। शीघ्र ही गया में एक ट्रीटमेंट प्लांट प्रारंभ हो जाने से क्षमता बढ़ कर 22 टन हो जायेगी। अभी 8 टन बायोमेडिकल कचरे का प्रतिदिन निष्पादन होता है, जबकि 20 टन कचरे को चौराहे या नदियों में फेंक दिया जाता है। निजी क्षेत्र के अस्पतालों से अपील की कि जहां-तहां कचरा नहीं फेंके वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इलेक्ट्रोनिक कचरा भी गंभीर रूप से स्वास्य को प्रभावित कर रहा है। माइक्रोओवेन, मोबाइल और पुरानी टीवी में हैवी मेटल और लीड होता है जो ग्राउंड वाटर तक को प्रभावित करता है। बिहार में 9 करोड़ मोबाइल सेट हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बनाने वाली कम्पनी की यह जवाबदेही है कि वह अपना एक सेंटर खोल कर इलेक्ट्रॉनिक कचरे को इकट्ठा करे। श्री मोदी ने कहा कि 7 मेडिकल कॉलेजों में आई बैंक का शिलान्यास हुआ है। 1 करोड़ 18 लाख की लागत से उपकरण भी लगाये जायेंगे। देश के किसी राज्य में इतनी संख्या में आई बैंक नहीं हैं, अब नेत्रदान के लिए भी लोगों को आगे आना चाहिए। आजादी के 65 साल बाद भी बिहार में एक नर्सिंग कॉलेज नहीं था। केरल की नर्से यहां के अस्पतालों में काम करती थीं। एनएमसीएच में नवनिर्मित नर्सिंग कॉलेज का आज उद्घाटन हुआ है। 26 करोड़ की लागत से 7 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज का निर्माण जारी है, शेष आठ में भी शीघ्र प्रारंभ हो जायेगा।

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