कृष्ण मेमोरियल हॉल में एक बार फिर जीवंत हुआ मगध साम्राज्य

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार की शाम नाटक चाणक्य देखने पहुंचे। एस के मेमोरियल होल में आयोजित इस नाटक मंचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी पहुंचे। दावते इफ्तार के बाद दोनों नेता सीधे कृष्ण मेमोरियल हाल पहुंचे। वहां नाटक मंचन कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद वे वापस 1 अणो मार्ग वापस लौट गये। नाटक में मनोज जोशी व अन्य कलाकारों ने सराहनीय भूमिका निभायी। नाटक देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध थे। लोग बीच-बीच में कलाकारों की हौसला आफजाई कर रहे थे।

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कृष्ण मेमोरियल हॉल में सोमवार को हजारों वर्ष पहले का ऐतिहासिक क्षण उस समय जीवंत हो गया, जब चाणक्य नाटक के मंचन के दौरान चंद्रगुप्त को राजधर्म की शिक्षा मिली। नाटक में दिखाया गया है कि देश में फैली अराजकता से निपटने के लिए सक्षम, सदाचारी और प्रजा प्रेमी राजा का होना जरूरी है। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए दंभी और अन्यायी राजा से चाणक्य टकरा जाता है। अत्याचारी राजसत्ता को खत्म कर अखंड भारत का निर्माण करता है। नाटक का संदेश है कि इरादे पक्के और कूटनीतिक प्रयास हों तो लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल नहीं। नाटक की प्रस्तुति जानेमाने अभिनेता मनोज जोशी एवं उनकी टीम ने दी। 1नाटक के प्रत्येक संवाद में देश प्रेम है। सबसे बड़ी नीति देश की हिफाजत है। विपत्ति में राजा को प्रजा की सुरक्षा के लिए परेशानियों का डटकर मुकाबला करना होता है। नंद वंश को खत्म कर अखंड भारत के निर्माण का संकल्प ले चुके चाणक्य के लिए यह कठिन पल था, लेकिन वह डिगे नहीं।1चाणक्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षण आया जब प्रेयसी की मौत पर चंद्रगुप्त विचलित नजर आया। अखंड भारत की प्रतिज्ञा ले चुके चाणक्य के लिए यह कठिन पल था, लेकिन वह डिगे नहीं। चंद्रगुप्त को राजधर्म का ज्ञान दिया। चेतावनी भी कि अगर देश को एक सूत्र में बांधने के लक्ष्य से तुम डिगे तो तुम्हारे विनाश से भी पीछे नहीं हटूंगा। 1नाटक में चाणक्य ने कई उपदेश दिए हैं। राजा अगर वीर न हो तो वह मृतक समान है। राजा होना सुखी होने का मार्ग नहीं है। आमात्य को लेकर चेताया कि महान संत से दोस्ती और दुश्मनी ठीक नहीं होती है। देश के निर्माण में सत्य असत्य के चक्कर में पड़े आमात्य को चाणक्य ने बताया कि सत्य कभी राजद्रोही नहीं होता। राजा जरूर सत्यद्रोही हो सकता है। वहीं चंद्रगुप्त जब अपने सौतेले भाई के खिलाफ विद्रोह को लेकर असमंजस में पड़ा तो चाणक्य ने कहा कि पिता के मान, धन और धर्म की रक्षा करना पुत्र का कर्तव्य है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा मौके पर डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, स्पीकर विजय कुमार चौधरी, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर यादव, डॉ. प्रेम कुमार, राम नारायण मंडल, मंगल पांडेय, राणा रणधीर सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, महामंत्री नागेंद्र, संजीव चौरसिया, देवेश चंद्र ठाकुर, संजय सिंह, मेयर सीता साहू, सीएम के सलाहकार अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव चंचल कुमार, मनीष कुमार वर्मा, भाजपा नेता अशोक भट्ट , अर्चना राय भट एवं राकेश कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

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