कृषि यंत्रों की खरीदगी को किसानों में बंटे दो करोड़

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PATNA GANDHI MAIDAN MEIN STATE LEVEL AGRICULTURE EXSIBITION KISAN MELA CUM AGRO BIHAR KA UDGHATAN KERTE AGRICULTURE MINISTER PREM KUMAR

राज्य के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य के किसानों के बीच अनुदान के रूप में कृषि यंत्रों की खरीदगी पर कुल 2,17,36,500 रुपये अनुदान के रूप में बांटे गये। आज तक किसानों ने मेले से कुल 23 कम्बाइन हाव्रेस्टर, 37 रीपर-कम-बाईन्डर, 48 जीरोटिलेज, 5 पावर टीलर, 199 रोटावेटर, 71 रेसर, 7 एम.बी.प्लाऊ , 16 स्ट्रा रीपर/स्ट्रा कम्बाइन, 90 चैफकटर, 8 मिनी रबर राइस मिल, 10 कल्टीवेटर, 186 पम्पसेट, 14 विद्युत मोटर, 23 पावर स्प्रेयर, 13 डिस्क हैरो, 5 रीजर/ट्रेंचर आदि कृषि यंत्रों की किसानों के द्वारा खरीद की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कृषि यंत्र प्रदर्शनी सह किसान मेला के दूसरे दिन पटना, जहानाबाद, मधेपुरा,नवादा,रोहतास,मुजफ्फरपुर, शिवहर, मधुबनी, पश्चिम चम्पारण एवं दरभंगा जिले के किसानों ने भाग लिया। दो दिनों में इस मेले में आज तक इस प्रदर्शनी-सह-मेला में राज्य के 15 हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया। आत्मा योजना के तहत पटना के 250, जहानाबाद के 127, मधेपुरा के 223,नवादा के 239, रोहतास के 329, मुजफरपुर के 281, शिवहर के 95, मधुबनी के 361, प. चम्पारण के 305 एवं दरभंगा के 302 यानि कुल 2,521 किसानों को भ्रमण पर लाया गया। मेला परिसर में संचालित किसान पाठशाला में प्रतिभागी किसानों को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय विविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर के वैज्ञानिक द्वारा फसलों की बोआई के उपरान्त कटाई, दौनी एवं उसके प्रसंस्करण से संबंधित कृषि यंत्रों की जानकारी, उपयोगिता एवं उनके प्रयोग विधि के बारे में विस्तार से बताया गया। किसान पाठशाला में श्री जय प्रकाश नारायण, संयुक्त निदेशक (कृषि अभियंत्रण), बिहार द्वारा कृषि यंत्रीकरण में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एवं अनुदान भुगतान संबंधी सॉफ्टवेयर के बारे में किसानों को बताया गया। साथ ही, उनके द्वारा किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर देय अनुदान के बारे में जानकारी दी गई। संयुक्त निदेशक, पौधा संरक्षण डॉ. प्रमोद कुमार ने किसानों को फसलों के प्रमुख रोगों एवं उनके एकीकृत प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उद्यान निदेशालय के पदाधिकारियों द्वारा किसानों को संरक्षित खेती के माध्यम से गुणवत्तायुक्त उद्यानिक फसलों के उत्पादन एवं उद्यान से संबंधित योजनाओं के बारे में बताया। इस एग्रो बिहार-2019 में खेत की जुताई से लेकर फसल कटाई एवं प्रसंस्करण तक तमाम मशीने यथा कम्बाइन हाव्रेस्टर, पैडी ट्रांसप्लांटर, हैप्पी सीडर, राइस मिल, स्ट्रा रीपर, रीपर कम बाइन्डर, रेज्ड वेड प्लांटर, पोटैटो डिगर, पोटैटो प्लांटर, पम्प सेट, ट्रैक्टर, पावर टीलर, स्वचालित रीपर, स्ट्रा वेलर, धान/गेहूं रेसर एवं अन्य उपयोगी मशीनें किसानों के बीच प्रदर्शित की जा रही हैं।एग्रो बिहार, 2019 के मुख्य आकर्षण – लगभग तीन लाख वर्ग फीट क्षेत्र में इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाये गए हैं।- दिल्ली, हरियाणा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के कृषि यंत्र निर्माता आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ भाग ले रहे हैं।- राज्य के विभिन्न जिलों से प्रतिदिन 2500 किसानों को आत्मा के माध्यम से सरकारी खर्चे पर मेले में लाने की व्यवस्था की गयी है।

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