किसान, श्रमिक, असंगठित क्षेत्रों के मजदूर व मध्यम वर्ग का रखा गया ख्याल : मोदी

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केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक जैसे 2019-20 के बजट से विपक्ष की बोलती बंद है। नरेन्द्र मोदी के सर्वस्पर्शी बजट में किसान, श्रमिक, असंगठित क्षेत्रों के मजदूर व मध्यम वर्ग का खास ख्याल रखा गया है जिसका सर्वाधिक लाभ बिहार जैसे राज्य को मिलेगा जहां 91 प्रतिशत लघु व सीमांत किसान हैं। श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत केन्द्र सरकार 2 हेक्टेयर तक जोत वाले किसानों के खाते में प्रतिवर्ष 6-6 हजार रुपये देगी जिसमें कोई राज्यांश नहीं है। इस योजना का सबसे अधिक लाभ बिहार जैसे राज्य को मिलेगा जहां जोत का औसत आकार 0.84 हेक्टेयर है। इसी प्रकार पशुपालन व मत्स्य पालन के किसानों को केसीसी की तर्ज पर 4 प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले कर्ज का लाभ भी बिहार को सर्वाधिक होगा। मत्स्य पालन के लिए केन्द्र में अलग विभाग के गठन की घोषणा भी स्वागतयोग्य है। आपदा की स्थिति में पहले किसानों के कर्ज पर पुनर्संरचना के एक साल के लिए 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलता था जिसे बढ़ा कर अब पूरे पुनर्संरचना की अवधि में 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने की घोषणा से किसानों को ज्यादा लाभ मिलेगा। मध्यम वर्ग के लोगों को आयकर की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने से बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा स्टैंर्डड डिडक्शन 40 से बढ़ाकर 50 हजार करने से नौकरी पेशा और बैंक तथा पोस्टऑफिस में जमा राशि पर मिलने वाले 40 हजार तक के ब्याज को टीडीएस से मुक्त करने तथा रेंट से प्राप्त आय पर टीडीएस की सीमा को 1.80 लाख से बढ़ा कर 2.40 लाख करने से महिलाओं, बुजुगरे व मध्यम वर्ग को लाभ मिलेगा। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बजट में पेंशन के प्रावधान से करोड़ों मजदूरों को अल्प अंशदान पर 60 साल की उम्र के बाद प्रतिमाह कम से कम 3 हजार की राशि पेंशन के तौर पर मिल पायेगी। नयी पेंशन योजना के तहत श्रमिकों की पेंशन में अपने अंशदान को केन्द्र सरकार ने 10 से बढ़ा कर 14 प्रतिशत कर दिया है। 21 हजार तक वेतन पाने वालों को भी बोनस तथा 25 हजार प्रतिमाह सैलरी वालों को ईएसआई की सुविधा मिलेगी।

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