किसानों को मौसम की मिलेगी सटीक जानकारी

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किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार उन्हें मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने जा रही है। मौसम की सटीक जानकारी मिलने से किसान फसल की बुआई के साथ उसकी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था कर सकेंगे। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि किसानों को ससमय मौसम विज्ञान आधारित सलाह सुलभ कराने के लिए राज्य के 14 कृषि विज्ञान केन्द्रों में भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जिला एग्रोमेट इकाई की स्थापना की जायेगी। कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक को इसका नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी एवं कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यरत विशेष वस्तु विशेषज्ञों को सम्मिलित करते हुए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है जो मौसम विज्ञान आधारित सलाह किसानों को सुलभ करायेगी। जिला एग्रोमेट इकाई के लिए प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र में दो पदों का सृजन किया जा रहा है, जिसमें एक पद विशेष वस्तु विशेषज्ञ (एग्रोमेट्रोलॉजी) तथा दूसरा एग्रोमेट पर्यवेक्षक का होगा।भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि कृषि क्षेत्र में मौसम में होने वाले परिवर्तन का पूर्वानुमान कर समय पर चेतावनी निर्गत करने एवं कृषि कार्य में मौसम की सूचना के उपयोग के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में टेलीमेट्रिक आधारित हाईड्रोमेट्रोलॉजिकल नेटवर्क के विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य के तीन जिले नालंदा, सुपौल एवं पूर्वी चम्पारण के सभी ग्राम पंचायतों में टेलीमेट्रिक आधारित रेनगॉज एवं प्रखंड में टेलीमेट्रिक आधारित वेदर स्टेशन की स्थापना की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत नालंदा जिले में 20 टेलिमेट्रिक वेदर स्टेशन एवं 229 टेलिमेट्रिक रेन गॉज, सुपौल में 12 टेलिमेट्रिक वेदर स्टेशन एवं171 टेलिमेट्रिक रेन गॉज तथा पूर्वी चम्पारण में 27 टेलिमेट्रिक वेदर स्टेशन एवं 378 टेलिमेट्रिक रेन गॉज यानी कुल 59 टेलिमेट्रिकवेदर स्टेशन एवं 778 टेलिमेट्रिक रेन गॉज संस्थापित किये जायेंगे। इन जिलों में टेलिमेट्रिक वेदर स्टेशन का संस्थापन प्रखंड स्तर पर एवं टेलिमेट्रिक रेन गॉज का संस्थापन पंचायत स्तर पर किया जायेगा। गया एवं अरवल जिला के लिए भी योजना स्वीकृति की प्रक्रिया में है। डॉ. कुमार ने कहा कि राज्य में दोनों कृषि विविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केन्द्रों में एग्रोमेट्रोलॉजी इकाई, टेलीमेट्रिक आधारित हाईड्रोमेट्रोलॉजिकल नेटवर्क के विकास तथा योजना एवं विकास विभाग द्वारा स्थापित ऑल वेदर स्टेशनों से मौसम की भविष्यवाणी एवं अद्यतन मौसम की सूचना ग्राम पंचायत स्तर पर किसानों को उपलब्ध हो सकेगा, जिससे समय पर मौसम की चेतावनी के प्रसार से किसानों के द्वारा फसल की बोआई एवं कटाई की योजना तैयार कर इनके आकस्मिक नुकसान से बचा जा सकेगा। इससे किसानों का लागत कम लगेगा एवं उत्पादन में वृद्धि होगी। फलस्वरूप किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

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