किसानों को उपज का समुचित मूल्य दिलाएं :राज्यपाल

0
40
PATNA VIDHAN PAREESHAD UPBHVAN MEIN AYOJIT SANGOSTHI MEIN RAJPAL SATYA PAL MALLICK ,C M NITISH KUMAR AND OTHER

पटना -राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ‘‘चम्पारण एग्रेरियन बिल-1918’ की शतवार्षिकी पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज ‘‘बिहार विधान परिषद्’ के उपभवन सभागार में उद्घाटन किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए राज्यपाल श्री मलिक ने कहा कि ‘‘चम्पारण सत्याग्रह’ ने मोहनदास करमचन्द गांधी को ‘‘महात्मा गांधी’ बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन में ख्याति और प्रसिद्धि दिलायी। राज्यपाल ने कहा कि ‘‘चम्पारण सत्याग्रह आंदोलन’ गांधीजी के जीवन का एक निर्णायक मोड़ था, जिसके बारे में स्वयं महात्मा गांधी की उक्ति है ‘‘मैंने जो किया, वह एक साधारण काम था। मैंने तो केवल एक विशेष घोषणा की कि मेरे ही देश में मुझे क्या करना चाहिए, अंग्रेज हुक्म नहीं दे सकते। जो व्यक्ति किसानों को संगठित करने का मेरा तरीका समझना चाहते हैं, उनके लिए चम्पारण आंदोलन का अध्ययन लाभकारी होगा, जहां भारत में सत्याग्रह का पहली बार प्रयोग किया गया, जिसका परिणाम सभी भारतवासी जानते हैं।’ राज्यपाल श्री मलिक ने कहा कि चम्पारण-सत्याग्रह के जरिये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा तथा स्वदेशी भावना की अपनी सैद्धांतिक प्रतिबद्धता का प्रायोगिक रूप से परीक्षण किया, जो अंतत: सफल रहा। उन्होंने कहा कि चम्पारण में निलहों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को गांधीजी ने अपने नेतृत्व में महज 11 महीनों में सफल बनाया और उसी की फलदायी परिणति बिहार विधान परिषद् में ‘‘चम्पारण एग्रेरियन बिल’ का पारित होना रही। राज्यपाल ने कहा कि आज भी किसानों की माली हालत काफी खराब है। उन्होंने कहा कि बमुश्किल 7-8 प्रतिशत किसानों को ही उनकी फसलों का सही मूल्य मिल पा रहा है। श्री मलिक ने कहा कि बाजार के दबाव में किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो रही है। भारतीय किसान दिन-ब-दिन गरीब हो रहे हैं, उनकी क्रय क्षमता में कमी आ रही है। ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि किसानों को उनकी पैदावार का समुचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया जाये। राज्यपाल ने बिहार सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार सरकार ने सफलतापूर्वक दो कृषि रोडमैपों का का क्रियान्वयन किया है।‘‘तीसरे रोड-मैप’ के क्रियान्वयन से समेकित कृषि को बढ़ावा मिलेगा, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को भी उनकी फसलों का समुचित मूल्य उपलब्ध हो सकेगा। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि ‘‘दूसरी हरित क्रांति’ वर्तमान नेतृत्व में सर्वाधिक रूप से बिहार में ही सफल होगी। राज्यपाल ने कहा कि बिहार समेकित कृषि के विकास के जरिये अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकता है। उन्होंने बिहार सहित पूर्वोत्तर राज्यों में कृषि विकास के केन्द्र सरकार के प्रयासों की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, राज्यसभा सदस्य हरिवंश, सुप्रसिद्ध गांधीवादी विचारक रजी अहमद, गांधीवादी चिंतक और आईटीएम विविद्यालय, ग्वालियर के कुलाधिपति रमाशंकर सिंह आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विधान परिषद् के उपसभापति मो. हारुण रशीद एवं संचालन विधान पार्षद डॉ. रामवचन राय ने किया।

यह भी पढ़े  सूबे में आईटी क्षेत्र में निवेश पर पांच साल तक नही लगेगा कोई टैक्स : मुख्यमंत्री

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here