किसानों के मसीहा थे स्वामी सहजानंद सरस्वती : डॉ.अरुण

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पटना – राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (अरुण गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद डा. अरुण कुमार ने कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती किसानों का मसीहा थे। जब तक खेत-खलिहान को सृदृढ़ नहीं किया जायेगा तब तक किसानों की दायनीय हालत में सुधार संभव नहीं है। किसानों को न्यूनतम मूल्य नहीं बल्कि अधिकतम मूल्य की जरूरत है। किसान अपनी फसलों के भंडारण की व्यवस्था जब तक खुद नहीं करेंगे तब तक पूंजी किसानों पर हावी रहेगी।डॉ.कुमार मंगलवार को जार्ज विचार मंच कार्यालय में किसान नेता स्वामी सहजानन्द सरस्वती की 67 वीं पुण्यतिथि समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज बाजार में पूंजी का प्रभाव इतना बढ़ चुका है कि किसान को अपनी फसल औने-पौने भावों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। सरकारी स्तर पर किसानों की दी जाने वाली राहत में पूरी पूंजीपतियों के प्रभाव रहने के कारण लाभ किसानों को नहीं मिल पाता है। जिस जमींदारी उन्मूलन के खिलाफ स्वामी सहजानन्द ने लड़ाई छेड़ी थी। वह आज भी प्रांसगिक है। आज जमींदार के रूप में पूंजीपति विराजमान हो चुके हैं और राज्य सरकार मौन रह कर पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है। समारोह की अध्यक्षता जार्ज विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विज्ञान स्वरूप सिंह ने की और धन्यवाद ज्ञापन ई. सैारभ कुमार ने किया। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक ललन पासवान, शिवकुमार सिंह, खुर्शीद अनवर, शंभु कुशवाहा, सुरेन्द्र गोप, मधेश्वर सिंह, नूरहसन आजाद, माया श्रीवास्तव, नीतू सिंह विन्द, कुमारी ज्योति, प्रमोद सिंह, रविशंकर उर्फ पप्पू शर्मा, राज कुमार सिंह, विरेन्द्र कुमार, संतोष यादव, विष्णु मिश्रा, बालमिकी शर्मा, कुमार गौरभ, सोनू कुमार, अशोक कुमार एवं रालोसपा प्रवक्ता मनोज लाल दास मनु भी उपस्थित थे।

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