किसने पैदा किया लालू फैमिली में तूफान

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बिहार में लालू परिवार एक बार फिर संकट के दौर से गुजर रहा है. घर के मुखिया लालू जहां जेल में बंद हैं और बीमारी से लड़ रहे हैं वहीं उनका परिवार घरेलू कलह और झगड़े से परेशान है. पिछले चार महीने से चल रहा यह झगड़ा उस वक्त परवान पर जा पहुंचा जब परिवार के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय को शादी के छह महीने बाद ही तलाक देने का अटल फैसला ले लिया. इस फैसले ने न सिर्फ लालू परिवार को हिला कर रख दिया बल्कि चंद्रिका राय के परिवार के पैर तले जमीन खिसका दी.

घर में जारी झगड़ा निकल कर जब बाहर आया तो इस मामले में खलनायक बने तीन शख्स जिनके नाम ओमप्रकाश, विपिन और नागमणि हैं. खास बात यह है कि तीन में से दो नाम लालू के परिवार के निकटतम हैं और वो हमेशा राबड़ी-तेजप्रताप के साथ साया बन कर रहते हैं. अपने फैसले के बाद जब तेजप्रताप ने मीडिया से बात की तो उनकी जुबान पर ये तीनों नाम हमेशा से रहे. तेजप्रताप ने बेहिचक इन तीनों का नाम लेते हुए ऐसी कई बातें को बताया जिसकी जानकारी शायद ही किसी को थी.

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उन्होंने कहा साहब और मैडम यानि मेरे माता-पिता मेरी बातों से ज्यादा ओमप्रकाश और नागमणि की बातों को मानते थे. ये पूछे जाने पर कि ये ओमप्रकाश और नागमणि हैं कौन तो तेजप्रताप ने कहा कि दोनों मेरे मामा जो कि सेलारकला में रहते थे और अब इस दुनिया में नहीं हैं के बेटे हैं. दोनों ने मेरे माता-पिता के साथ ही भाई को भी विश्वास में लिया और ये सारा खेल रचा है. तेजप्रताप ने भावुक होते हुए कहा था कि मुझे मेरे ही परिवार में किसी के कहने पर मोहरे की तरह यूज किया गया. बिपिन तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय के पर्सनल असिस्टेंट और उनके रिश्तेदार भी हैं. तेज प्रताप और ऐश्वर्या की शादी में बिपिन ने बड़ी भूमिका निभाई थी. यही कारण है तेज प्रताप आज इन तीनों को अपना गुनाहगार मानते हैं.

दरअसल ओम प्रकाश यादव उर्फ भुट्टू कभी तेजप्रताप के सबसे विश्वस्त हुआ करते थे. तेजप्रताप जब स्वास्थ्य मंत्री थे तब ओम प्रकाश उनके पर्सनल असिस्टेंट हुआ करते थे. रिश्ते में ममेरे भाई होने के नाते ओम प्रकाश-तेज प्रताप एक-दूसरे के बेहद करीबी थे. ओम प्रकाश की कोई भी बात तेज प्रताप नहीं टालते थे, लेकिन आज तेजस्वी के सामने वही ओमप्रकाश सबसे बड़े गुनाहगार बन गए हैं. वहीं ओमप्रकाश के भाई बताए जा रहे नागमणि लंबे समय से तेजप्रताप की मां राबड़ी देवी का काम देख रहे हैं. वो ओम प्रकाश यादव के बड़े भाई हैं और राबड़ी देवी के भतीजे भी.

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आपको बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जब लालू परिवार को अपने रिश्तेदारों के कारण फजीहत झेलनी पड़ी है. इससे पहले लालू प्रसाद अपने शासनकाल में सालों को लेकर विरोधियों के निशाने पर हुआ करते थे. कुछ मौकों में विवाद आने के बाद लालू ने अपने चहेते सालों के लिए घर के दरवाजे हमेशा के लिए बंद करवा दिए थे. बताया जाता है कि लालू प्रसाद ने खुद ही अपने साले प्रभुनाथ, साधु और सुभाष यादव के आने-जाने पर पाबंदी लगायी थी.

पिछले एक दशक से लालू प्रसाद यादव की अपने तीनों सालों से बातचीत पूरी तरह बंद थी. दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव इतना बढ़ गया था कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ अनाप शनाप बयान देते रहते थे. लालू की 15 साल की सरकार के दौरान राबड़ी के भाइयों पर तरह-तरह के संगीन आरोप लगे थे जिसका अभी तक उनके तीनों भाई खंडन करते रहे हैं. लालू प्रसाद यादव और उनके सलाहकारों का ये मानना था कि तीनों सालों के कारनामों के कारण ही साल 2005 में लालू की सरकार गई. आरजेडी अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री ने कहा था, ‘मैंने अपने तीनों सालों को ठीक से समझने में भारी भूल की है जिसका खामियाजा मैं भुगत रहा हूं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि मैंने उन लोगों के लिए अपना दरवाजा हमेशा के लिए बंद कर लिया है.’

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भाइयों से नाराज होकर राबड़ी देवी ने भी उनसे संबंध विच्छेद कर लिया था. हाल के दिनों में लालू परिवार में राबड़ी के भाइयो को एंट्री मिली थी. लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती ने संबंधों को एक सूत्र में पिरोने के लिए अपने भाई तेजप्रताप यादव की शादी में मामा को निमंत्रण दिया था और कार्ड लेकर अपने मामा के घर पहुंची थीं. तेजप्रताप की शादी में उनके मामा की भी सहभागिता दिखी थी.

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