काम के आधार पर मांगते हैं वोट : नीतीश

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार न्याय के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रही है। वह काम के आधार पर लोगों से वोट मांगते हैं जबकि कुछ लोग वोट पाने के लिए अनर्गल बयान देते रहते हैं।श्री कुमार ने बुधवार को यहां अररिया लोकसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव के प्रचार के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य न्याय के साथ विकास करना है। हम नवम्बर 2005 से न्याय के साथ विकास कर रहे हैं। इस दौरान हमने किसी भी क्षेत्र, जाति और धर्म के साथ भेदभाव नहीं किया। हम राज्य में विकास के लिए किए गए काम के आधार पर लोगों से वोट मांगते हैं जबकि कुछ लोग ऐसे हैं जो वोट पाने के लिए केवल अनर्गल बयान देते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पाप करेगा, उसे इसका परिणाम इसी जीवन में भुगतना पड़ेगा। सार्वजनिक जीवन में इतनी धन की चाहत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता यह सोचकर वोट देती है कि चुने जाने के बाद जनप्रतिनिधि उनके लिए विकास का काम करेंगे। उन्होंने कहा मि मैंने जो भी फैसला लिया है वह राज्य के हित में लिया है। हमलोगों का एक ही लक्ष्य है- राज्य का विकास। श्री कुमार ने कहा कि सरकार ने पंचायत चुनाव में महिलाओं को आरक्षण दिया है। संविधान में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है जबकि उनकी सरकार ने 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी विद्यालय में पांचवीं कक्षा के बाद लड़कियां पढ़ने नहीं जाती थीं क्योंकि उनके पास कपड़े नहीं होते थे। सरकार ने उनके लिए ड्रेस और साइकिल की व्यवस्था की, जिसके बाद से राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय के अंतर्गत उच्च शिक्षा पाने के इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की योजना है। राज्य में 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए दाखिला लेने वालों का प्रतिशत 13.9 है जबकि सरकार इसे 30 प्रतिशत तक ले जाना चाहती है। इसी उद्देश्य से सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की, लेकिन इसमें बैंकों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण लक्ष्य की प्राप्ति में हो रही कठिनाई को देखकर उनकी सरकार ने बैंकों पर निर्भरता खत्म करने के लिए अपने माध्यम से इस योजना को चलाने का निर्णय लिया। श्री कुमार ने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के प्रति बैंकों के उदासीन रवैये को देखते हुए सरकार ने राज्य शिक्षा वित्त निगम का गठन किया है और इसके जरिए अगले वित्त वर्ष से उच्च शिक्षा पाने के इच्छुक विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक का ऋण मिलना शुरू हो जाएगा। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भाजपा ने कभी आरक्षण खत्म करने की बात नहीं कही बल्कि उसकी सरकार तो समाज के पिछड़ों, अति पिछड़ों और दलितों को आरक्षण देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने पंचायत चुनाव में दलितों को आरक्षण नहीं दिया था।श्री मोदी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा, जो लोग यह कह रहे हैं कि मुझे और मेरे परिवार को जानबूझ कर मुकदमों में फंसाया जा रहा है, वह जान लें कि अदालत नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के अधीन काम नहीं करती। ऐसा कहकर वह न्यायालय की अवमानना कर रहे हैं। श्री लालू यादव को तीन अलग-अलग अदालतों ने सजा सुनाई है। हालांकि जेल जाने के बाद अपराधियों में सुधार होता है लेकिन ये लोग सुधरने वाले भी नही है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि तेजस्वी के पास 28 वर्ष की उम्र में 30 संपत्ति है। इतनी कम उम्र में इतनी संपत्ति कहां से आयी। यदि वह इसका जवाब दे देते तो अभी तक राज्य के उपमुख्यमंत्री रहते।

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