कांग्रेस में आज से राहुल युग की शुरुआत,दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर जश्न का माहौल

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कांग्रेस में शनिवार से राहुल गांधी युग की शुरुआत हो जाएगी जब वो मां सोनिया गांधी से पार्टी कमान अपने हाथों में ले लेंगे। कांग्रेस का संविधान पार्टी अध्यक्ष को असीमित अधिकार प्रदान करता है,उस नाते अब कांग्रेस में सिर्फ वही होगा जो राहुल चाहेंगे। राहुल चाहें तो पार्टी में नए पद भी बना सकेंगे। यानी पार्टी संविधान से इतर उपाध्यक्ष या महासचिव जैसे पद भी चाहें तो रख सकते हैं। शनिवार को राहुल कांग्रेस की चुनाव अथॉरिटी से अध्यक्ष निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र लेने के बाद अपना काम शुरू करेंगे। हालांकि राहुल गांधी का अपने दफ्तर में जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है। निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र लेने का कार्यक्रम पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होकर लगभग 40 मिनट चलेगा। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी,निर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी,पूर्व पीएम मनमोहन सिंह समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।

इस ताजपोशी कार्यक्रम में सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह भाषण देंगे. इनके बाद राहुल गांधी पार्टी की कमान संभालते हुए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. राहुल को पार्टी का अध्‍यक्ष बनाए जाने को लेकर पार्टी के दफ्तर में जश्‍न का माहौल है. कार्यक्रम में तय समयानुसार, सुबह 11 बजे राहुल को पार्टी अध्‍यक्ष होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा. इसके बाद कांग्रेस मुख्‍यालय में पार्टी अध्‍यक्ष की नेम प्‍लेट बदल जाएगी.

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राहुल की ताजपोशी से पहले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी चहेते नेता है और पार्टी की महान विरासत को आगे बढ़ाएंगे.

उल्‍लेखनीय है कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने को लेकर सोनिया गांधी ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया. उनके संसद परिसर में पहुंचने पर मीडिया द्वारा राहुल गांधी के कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर जब सवाल किया गया तो सोनिया गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि अब उनका रोल खत्म हो चुका है. उन्होंने आगे कहा, ”मैं रिटायर हो जाऊंगी”.

1991 में अपने पति राजीव गांधी की हत्या के बाद, सोनिया ने पार्टी की कमान संभालने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद पी.वी. नरसिंह राव को चुना गया. जो बाद में देश के प्रधानमंत्री भी रहे.

1996 में कांग्रेस चुनाव हार गई और माधवराव सिंधिया, राजेश पायलट, नारायण दत्त तिवारी, अर्जुन सिंह, पी चिदंबरम और जयंती नटराजन जैसे कई वरिष्ठ नेताओं ने तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष सीताराम केसरी के खिलाफ खुलेआम विद्रोह कर दिया. इसके बाद, पार्टी को पुनर्जीवित करने का प्रयास करते हुए, सोनिया गांधी को 1997 में कलकत्ता पूर्ण सत्र में कांग्रेस में शामिल किया गया और 1998 में उन्हें पार्टी प्रमुख बनाया गया. सोनिया गांधी 19 सालों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं.

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गौरतलब है कि, 12 दिसंबर को राहुल गांधी कांग्रेस के नए अध्‍यक्ष निर्वाचित हुए हैं. उनके पक्ष में 89 नामांकन दाखिल किए गए थे. वह अपनी पार्टी के एकमात्र प्रत्‍याशी थे. उनके विरोध में किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया था.

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राहुल गांधी को 11 दिसंबर को पार्टी का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया था. राहुल के पक्ष में 89 नामांकन पत्रों के सेट दाखिल किये गये थे. राहुल गांधी ने 4 दिसंबर को अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था. उस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के लगभग सभी वरिष्ठ और युवा नेता, कांग्रेस के अन्य संगठनों के नेता, विभिन्न वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी मुख्यालय में जुटे थे और यह संकेत देने का प्रयास किया गया था कि पार्टी के सभी वर्ग राहुल को पार्टी अध्यक्ष बनाने के पक्ष में हैं.

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