कांग्रेस का गवर्नर वजुभाई पर आरोप, कहा- ‘विधायक खरीदने’ के लिए दिए 15 दिन

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद और सिद्धारमैया प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं.मैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद देना चाहता हूं. पिछले दो सालों में कुछ राज्यपालों ने कानून के अनुसार काम नहीं किया .बीजेपी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी है लेकिन हमारे पास 117 का आंकड़ा है और सरकार बनाने के लिए हम राज्यपाल से भी मिले थे.भारत के इतिहास में किसी भी गवर्नर ने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय नहीं दिया. फिर येदियुरप्पा को 15 दिन क्यों दिए गए? कर्नाटक के सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति कानून के दायरे में काम नहीं कर रहा है.लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम न्यायपालिका को धन्यवाद देते हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, बीएस येदियुरप्पा कोई भी फैसला नहीं ले सकते और विधायक नियुक्त नहीं कर सकते. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा की हमारी पार्टी का स्टैंड पहले ही क्लियर कर चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट का आदेश ऐतिहासिक है और हम इसका स्वागत करते हैं.

सिद्धारमैया ने कहा की येदियुरप्पा के पास खुद को मिलाकर 104 विधायक हैं. उनके द्वारा गवर्नर को दी गई चिट्ठी में 7 दिन का समय मांगा गया और इसमें कोई नाम भी नहीं था. फिर भी गवर्नर ने उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाया. यह असंवैधानिक है. यही नहीं, गवर्नर ने उन्हें 15 दिन का समय दिया.गवर्नर को पक्षपात नहीं करना चाहिए. हम गवर्नर के पास पहले पहुंचे थे.

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कर्नाटक में इस ट्रिक से बहुमत जुटा लेगी बीजेपी

कर्नाटक की राजनीति में पलपल बदलते घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा कल शाम चार बजे ‘फ्लोर टेस्ट’ का सामना करेंगे. उन्हें सूबे में सरकार बनाने के लिए आठ सीटों की दरकार है. बीजेपी को पूरा भरोसा है कि वह कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के विधायकों को अपने पाले में करने में सफल रहेगी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि 12 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. जिसमें आठ कांग्रेस, दो जेडीएस और दो अन्य के विधायक शामिल हैं. लेकिन यह सब उतना आसान नहीं है.

 

कांग्रेस-जेडीएस अपने विधायकों को लेकर राज्य से बाहर हैदराबाद जा चुकी है. दो अन्य विधायक जिसपर बीजेपी का दावा है वह कल कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में दिखे थे. ऐसे में अब जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कल ही येदुरप्पा को बहुमत सिद्ध करना है तो इतने कम समय में दोनों विधायकों को फिर से अपने पाले में करने में बीजेपी सफल रहती है या नहीं यह देखना दिलचस्प होगा.

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क्या है नंबर गेम?

बीजेपी का दावा अगर सही साबित होता है और 12 विधायक पार्टी के पाले में आ जाते हैं तो येदुरप्पा मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने में सफल रहेंगे. सीटों के खेल को आंकड़ों में समझते हैं. जेडीएस नेता और विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के चेहरे कुमारस्वामी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है उन्हें एक सीट छोड़ना होगा. ऐसे में मौजूदा स्थिति के अनुसार सदन में विधायकों की संख्या 222 से 221 हो जाएगी. तब सूबे में बहुमत के लिए 111 सीटों की जरूरत होगी. बीजेपी के पास कर्नाटक में 104 सीटें हैं. अगर विपक्ष (जेडीएस और कांग्रेस) के 10 विधायक वोटिंग से गायब रहते हैं तो बहुमत साबित करने के लिए 106 सीटों की ही जरूरत होगी.  अब अगर दो अन्य विधायक बीजेपी के पक्ष में वोट करते हैं तो बीजेपी 106 सीट (बीजेपी 104+ 1 निर्दलीय+ 1 केपीजेपी) का जादुई आंकड़ा पाने में सफल हो जाएगी.

कांग्रेस का दावा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एबीपी न्यूज़ से कहा कि विधायक हमारे साथ हैं. हमें 100 प्रतिशत भरोसा है कि कल विजयी होंगे. कांग्रेस के एक अन्य नेता के मुताबिक उसके सिर्फ एक विधायक गायब हैं बाकी सभी 77 विधायक उनके साथ हैं. जेडीएस का कहना है कि बीजेपी ने उनके विधायकों को 100-100 करोड़ रुपये में खरीदने की कोशिश की लेकिन इसमें वह सफल नहीं हुए. सभी 37 विधायक उनके साथ हैं. अब अगर कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन का दावा सही साबित होता है तो कल  शाम चार बजे के बाद येदुरप्पा का मुख्यमंत्री बने रहना मुश्किल है.

 

 

 

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