कश्मीर में बिहार के दो बेटे भी शहीद, मसौढ़ी के संजय सिंह, भागलपुर के रतन ठाकुर शामिल

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर जैश-ए-मुहम्मद के फिदायीन हमले में शहीद हुए 42 जवानों में बिहार के दो सपूत भी शामिल हैं. इनमें एक हवलदार संजय सिंह पटना जिले के मसौढ़ी थाने के तारेगना मठ के निवासी थे, तो दूसरे रतन कुमार ठाकुर भागलपुर जिले के अमडंडा थाने के रतनपुर गांव के रहनेवाले थे.

वह सीआरपीएफ के 45 वें बटालियन के जवान थे. संजय सिंह के शहीद होने की जानकारी उनके परिवार को कश्मीर में पदस्थापित उनके परिजनों के माध्यम से मिली. हालांकि, देर रात पटना की एसएसपी गरिमा मलिक ने इस संबंध में पुलिस प्रशासन के पास कोई भी औपचारिक सूचना नहीं होने की बात कही.

शहीद संजय सिंह (45 वर्ष) का परिवार उनके माता-पिता के साथ गांव में ही रहता है. परिवार में दो बेटियां, जिनमें बड़ी रूही कुमारी (उम्र 22 साल), छोटी टुन्नी कुमारी (उम्र 19 साल) और बेटा सोनु कुमार (17 साल) शामिल हैं. दोनों बेटियां स्नातक पास कर चुकी हैं, जबकि पुत्र कोटा में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रहा है. छोटा भाई शंकर सिंह भी सीआरपीएफ में आरटीसी के पद पर नालंदा में कार्यरत हैं.

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बहनोई जीतेंद्र कुमार नालंदा के परवलपुर का रहने वाला है. उन्हें ही कश्मीर में पदस्थापित अपने परिजनों से इस घटना की सबसे पहले जानकारी मिली. वहीं, शहीद रतन कुमार ठाकुर का पूरा परिवार भागलपुर इशाकचक थाना क्षेत्र के लालुचक भट्ठा में किराये के मकान में रहता है.

उनके पिता का नाम राम निरंजन ठाकुर है. रतन के शहीद होने की जानकारी ज्योंही परिवार वालों तक पहुंची, परिवार में मातम पसर गया है. पत्नी राजनंदिनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्हें चार साल का एक पुत्र है, जबकि एक बच्चा उनकी पत्नी के गर्भ में पल रहा है.

मसौढ़ी के संजय कुमार सिन्हा और भागलपुर के कहलगांव निवासी रतन कुमार ठाकुर ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. भागलपुर के कहलगांव के मूल निवासी शहीद रतन कुमार ठाकुर सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन में तैनात थे.

घर में पत्नी राजनंदिनी देवी और चार साल का बेटा कृष्णा है. राजनंदिनी फिर से मां बनने वाली हैं. पिता निरंजन कुमार ठाकुर ने कहा शाम को बेटे के फोन का इंतजार हो रहा था तब तक उधर से सात बजे शाम को कंपनी कमांडर का फोन आया. उन्होंने रतन का फोन नम्बर मांगा. पिता और पत्नी का नाम पूछा और उनके शहीद होने की खबर दी. खबर के सुनते ही पूरे घर में कोहराम मच गया.

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शहीद रतन कुमार ठाकुर का परिवार मूल रूप से कहलगांव के आमंडंडा थाना के रतनपुर गांव का रहने वाला है. लेकिन अभी भागलपुर शहर के लोदीपुर मोहल्ले में किराए के मकान में रहता है.

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