कश्मीर पर SC ने नहीं दिया आदेश, CJI बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा को देख फैसला ले सरकार

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को कमजोर किए 40 दिन से अधिक का समय हो गया है. मोबाइल सर्विस, इंटरनेट को छोड़कर अधिकतर पाबंदियों में लगातार ढील दी जा रही है, इस बीच आज सुप्रीम कोर्ट में इन पाबंदियों, वहां जाने को लेकर कुल 8 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है. ये याचिकाएं चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच सुन रही है.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को लेकर किसी आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर संचार व्यवस्था को सुचारू करने का फैसला ले.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 5 अगस्त के बाद से अभी तक घाटी में किसी तरह की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. 87 फीसदी कश्मीर से पाबंदियों को हटा दिया गया है. जम्मू और लद्दाख में कोई पाबंदी नहीं है. सरकार ने कहा कि मेडिकल, सब्जी, आम बाजार सभी खुले हुए हैं. इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर तक जवाब देने को कहा है.

SC में मीडिया की आजादी पर सुनवाईपत्रकार अनुराधा भसीन की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत में बताया गया कि घाटी में अभी ना इंटरनेट है, ना ही संचार माध्यम की कोई सुविधा है. हालांकि, अटॉर्नी जनरल ने जवाब दिया कि श्रीनगर-जम्मू में लगातार अखबार छप रहा है. सुनवाई के दौरान अदालत में पूछा कि अभी तक कश्मीर में संचार व्यवस्था चालू क्यों नहीं है.
अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि मीडिया पर्सन संचार व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें दूरदराज के इलाकों में जाने की सुविधा भी है. इस पर अदालत ने केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल करने को कहा. अटॉर्नी जनरल ने इस दौरान अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा.

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सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस
जम्मू-कश्मीर के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. सबसे पहले वाइको की याचिका पर सुनवाई हो रही है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस दौरान कहा कि अभी वहां पर क्या हालात हैं? आपने अभी तक कोई रिकॉर्ड सामने नहीं रखे हैं.
वाइको के वकील ने कहा कि गृह मंत्रालय कह रहा है कि किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है, NSA कह रहे हैं कि कुछ मामलों में हिरासत में लिया गया है. फारुक अब्दुल्ला को हिरासत लेने के मामले में SC ने केंद्र सरकार को नोटिस दिया है, 30 सितंबर तक जवाब देने को कहा गया है.

कश्मीर में क्या हैं हालात?
जम्मू-कश्मीर में हालात अब सामान्य होने लगे हैं, जम्मू में तो पहले से ही धारा 144 हटा दी गई है. अब कश्मीर में भी धीरे-धीरे धारा 144 में छूट दी जा रही है. लैंडलाइन सर्विस, बाजार में छूट दी जाने लगी है. हालांकि, अभी पूरी तरह से छूट लागू नहीं हुई हैं.

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और किन मसलों पर होनी है सुनवाईइसके अलावा अन्य जो याचिकाएं हैं उनमें केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के खिलाफ याचिकाएं, बच्चों को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ, पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला को नजरबंद जाने के खिलाफ, घाटी में प्रेस की आज़ादी पर पाबंदी के खिलाफ याचिकाएं शामिल हैं. इसके अलावा सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सबमिट करनी है. सर्वोच्च अदालत ने येचुरी को श्रीनगर जाने की इजाजत दी थी.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला की कथित ‘हिरासत’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार से एक हफ्ते में जवाब मांगा गया है. राज्यसभा सांसद वाइको की याचिका पर CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने सुनवाई की. याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार से पूछा ‘क्या वो हिरासत में हैं?’ इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा हम सरकार से निर्देश लेंगे.

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वाइको के वकील ने कोर्ट से कहा कि फारुक अब्दुल्ला बाहर नहीं निकल सकते, कश्मीर में अधिकारों का हनन हो रहा है. कोर्ट ने वकील से कहा कि अपनी आवाज तेज ना करें. सुप्रीम कोर्ट ने वाइको की फारुक अब्दुल्ला को रिहा करने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है. केंद्र सरकार ने इसका विरोध किया और कहा कि नोटिस की जरूरत नहीैं है. इस मामले पर 30 सितंबर को अगली सुनवाई होगी.

बता दें, संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने के बाद कथित रूप से नजरबंद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को पेश करने के लिए केंद्र और जम्मू कश्मीर को निर्देश देने की मांग करते हुए राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके के संस्थापक वाइको ने उच्चतम न्यायालय का रूख किया है. वाइको ने अपनी याचिका में कहा है कि अधिकारियों को अब्दुल्ला को 15 सितंबर को चेन्नई में आयोजित होने वाले ‘शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक’ वार्षिक सम्मेलन में शामिल होने की अनुमति देनी चाहिए. यह कार्यक्रम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया जाएगा.

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