करतारपुर कॉरिडोर : PM नरेंद्र मोदी ने बेर साहिब गुरुद्वारे में टेका मत्था

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करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज सुल्तानपुर लोधी शहर पहुंचे हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने बेर साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका. इस मौके पर उनके साथ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल मौजूद रहे. 12 नवंबर को सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव की 550वां प्रकाश पर्व है. इससे 3 दिन पहले कॉरिडोर का उद्घाटन किया जा रहा है.

बेर साहिब गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद पीएम मोदी पाकिस्तान की सीमा से लगे पंजाब के गुरदासपुर जिला स्थित ऐतिहासिक नगर डेरा बाबा नानक जाएंगे, जहां वह दोपहर करतारपुर गलियारे का उद्घाटन करेंगे. इस गलियारे के माध्यम से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने के लिए सिख तीर्थयात्रियों का पहला जत्था रवाना होगा.

यह सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के 12 नवंबर को होने वाले 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर होने जा रहा है. यह अवसर 72 वर्षों के बाद आया है जब श्रद्धालु भारत से पाकिस्तान जाकर आसानी से करतारपुर साहिब में मत्था टेक सकेंगे.

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ये VIP जाएंगे पाकिस्तान
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल शनिवार को करतारपुर साहिब का दौरा करेगा. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी करतारपुर गलियारे की एकीकृत चेक पोस्ट का उद्घाटन करेंगे. मनमोहन सिंह के अलावा प्रतिनिधिमंडल में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, आर. पी. एन. सिंह, रणदीप सुरजेवाला, दीपेंद्र हुड्डा और जितिन प्रसाद शामिल होंगे. इसके अलावा पंजाब राज्य के सभी विधायक और सांसद भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहेंगे.

श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
डेरा बाबा नानक में दूरदराज के क्षेत्रों से लेकर विदेशों से भी तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं. तीर्थयात्रियों की भीड़ को समायोजित करने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं. यहां 30 एकड़ जमीन को एक टेंट वाले सुसज्जित शहर में बदल दिया गया है. तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए इस शहर में यूरोपीय शैली के कुल 544 टेंट और 100 स्विस कॉटेज तैयार की गई हैं. इसके अलावा दरबार शैली के 20 आवास भी ऐतिहासिक समारोह से पहले पूरी तरह तैयार कर दिए गए हैं.

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पंडाल में 30,000 श्रद्धालु रुक सकेंगे
यहां मुख्य पंडाल में 30,000 तीर्थयात्रियों की क्षमता है. 11 नवंबर तक डेरा बाबा नानक उत्सव के दौरान यहां प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है. ‘लंगर’ हॉल को एक समय में 1,500 लोगों को खाना खिलाने के लिहाज से तैयार किया गया है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रसोई घर है.

3,544 लोगों के रुकने की सुविधा
टेंट के बसाए गए इस शहर के प्रोजेक्ट में 4.2 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें 3,544 लोगों के आवास की सुविधा है. इसकी अन्य विशेषताओं में एक पंजीकरण कक्ष, एक ‘जोडा घर’, एक क्लॉकरूम, एक वीआईपी लाउंज और एक फायर स्टेशन शामिल हैं. बुकिंग और पंजीकरण मुफ्त है और इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है.

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