औसत आय कम इसीलिए मांग रहे हैं विशेष दर्जा : मुख्यमंत्री

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नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय 40 हजार रुपये से कम है जो राष्ट्रीय औसत में बहुत कम है. उन्होंने कहा कि यही मुख्य वजह है कि वे बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग करते हैं. मुख्यमंत्री आज विधानसभा में आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी सहित विपक्ष के कई नेताओं की तरफ से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय 38 हजार आठ सौ रपए के आसपास है जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। इसी कारण वह बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते आ रहे हैं। यह बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को विधानसभा में कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले माह से ही मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना की शुरुआत हो गई है और करीब एक लाख लोगों को पेंशन मिलनी भी शुरू हो गयी है। मुख्यमंत्री ने राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी, आलोक कुमार मेहता, भाई विरेन्द्र, मोहम्मद नवाज आलम, यदुवंश कुमार यादव और अब्दुल गफूर तथा कांग्रेस के सदानंद सिंह और अवधेश कुमार सिंह के ध्यानाकर्षण के जवाब के दौरान हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 60 वर्ष के किसी भी आयु वर्ग के सभी वृद्ध, जिन्हें किसी तरह की पेंशन नहीं मिलती है, उनके लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना शुरू की है। इसके लिए इस वर्ष मार्च से सव्रेक्षण का कार्य शुरू किया गया और उन्हें उम्मीद थी कि अगस्त से इस योजना को लागू कर दिया जाएगा लेकिन पिछले माह से ही एक लाख लोगों को पेंशन देना शुरू हो गया है। श्री कुमार ने कहा कि इस योजना के तहत अनुमान है कि 30 लाख लोगों को लाभ मिलेगा और इसके लिए 1800 करोड़ रपए की अतिरिक्त आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जो आर्थिक स्थिति और सामर्य है उस हिसाब से इस योजना को लागू किया गया है। श्री कुमार ने कहा कि वृद्धा पेंशन योजना को बढ़ाने की इच्छा रखना अच्छी बात है लेकिन हमें प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी देखना होगा। बजट की राशि सिर्फ एक योजना के लिए नहीं है। इससे विकास की अनेक योजनाएं चल रही हैं। कृषि रोडमैप को लागू करने पर भी राशि खर्च हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार विकसित प्रदेश नहीं बन जाता है तब तक उसकी तुलना विकसित प्रदेशों से करना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से चल रही पेंशन योजनाओं का लाभ लेने से जो छूट गए हैं, उन्हें उसका लाभ दिलाया जाएगा और बकाए का भी भुगतान होगा। उन्होंने कहा कि वह खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। इससे पूर्व राज्य के समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह ने कहा कि मार्च 2019 तक 63 लाख 25 हजार 24 पेंशनधारियों को ऑनलाइन भुगतान किया जा चुका है। अप्रैल से जून तक भुगतान की प्रक्रिया जारी भी है। एक लाख 22 हजार 368 लोगों को बैंक खाता नहीं रहने, कुछ की मृत्यु हो जाने और कुछ अन्य गड़बड़ियों के कारण भुगतान नहीं हुआ है।

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