ऑस्ट्रेलिया में आज होगा कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज

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रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ बुधवार से ऑस्ट्रेलिया के खूबसूरत शहर गोल्ड कोस्ट में 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हो जाएगी। दिल्ली 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने मेडल की सेंचुरी लगाई थी, लेकिन अगले कॉमनवेल्थ गेम्स यानी ग्लास्गो में वह अपने प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रहा था।

इस बार मेडल की सेंचुरी की उम्मीद करना बेमानी होगी, लेकिन इतनी उम्मीद की जा सकती है कि हमारे ऐथलीट ज्यादा से ज्यादा मेडल झटककर मेडल टैली में देश को टॉप चार में जगह दिला कर पहुंचा भारतीयों का सीना चौड़ा कर दें। भारतीय दल के साथ-साथ 71 देशों के खिलाड़ियों का टारगेट होगा-गोल्ड कोस्ट से लूटो सोना।

शूटिंग,रेसलिंग में मजबूत
भारत की मेजबानी में हुए 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में 619 ऐथलीटों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने इस बार ऐथलेटिक्स और बॉक्सिंग में भारत का कोटा बढ़ाया है और 218 भारतीय ऐथलीट 14 अलग-अलग खेलों में मेडल पर दावा ठोकने उतरेंगे। 2010 गेम्स को हटा दें तो 2018 गोल्ड कोस्ट में भारत का इन खेलों में अभी तक का सबसे बड़ा दल है।

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पिछले तीन खेलों में भारत ने कुल मिलाकर 215 मेडल जीते हैं। 50 मेडल 2006 में 101 मेडल 2010 में और 64 मेडल 2014 में। भारतीय शूटर्स ने हाल ही में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया है इस बार यहां शूटिंग में 19 गोल्ड दांव पर होंगे। ऐसे में भारतीय फैंस इस बार पिछली बार से ज्यादा मेडल की उम्मीद कर सकते हैं। इसके अलावा रेसलिंग में दांव पर लगे 12 में से आधे गोल्ड पर भारत का दावा मजबूत नजर आ रहा है।

हैटट्रिक लगाना चाहेंगे सुशील
भारतीय खेल के दो बड़े सितारे रेसलर सुशील कुमार और महिला बॉक्सर एमसी मेरी कॉम का यह संभवत: अंतिम कॉमनवेल्थ गेम्स है और ये दोनों ही सितारे मेडल के साथ इन खेलों से विदाई लेना चाहेंगे। पिछले दो कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड जीत चुके सुशील ने गोल्ड की हैटट्रिक लगाने की उम्मीद के साथ संन्यास के बाद वापसी की है।

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वहीं पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन मेरी कॉम के पास सिर्फ कॉमनवेल्थ गेम्स को छोड़कर ओलिंपिक्स सहित लगभग सभी बड़े खेलों को मेडल हैं। वह अपनी इस आखिरी कोशिश में इस एक मेडल की कमी पूरी करने की पूरी कोशिश करेंगी। शूटिंग में डबल ट्रैप के वर्ल्ड नंबर शूटर अंकुर मित्तल भी अपने इस इवेंट में अंतिम गोल्ड पर निगाहें जमाए हुए होंगे। डबल ट्रैप को पिछले साल ही ओलिंपिक्स इवेंट की लिस्ट से हटा दिया गया था।

साइना-सिंधु में टक्कर!
भारतीय बैडमिंटन की दो सबसे बड़ी स्टार साइना नेहवाल और पीवी सिंधु कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल के लिए आमने सामने हो सकती हैं। ड्रॉ में दोनों ही अलग-अलग हाफ में हैं, जिसमें ये दोनों अगर अपने सभी मुकाबले जीत जाती हैं तो फिर फाइनल में आमने-सामने हो सकती हैं।

फटकार के साथ सिरिंज विवाद खत्म
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग दल को बड़ी राहत मिली जब सिरिंज विवाद में डॉक्टर अमोल पाटिल को बड़ी सजा सुनाने की बजाय फटकार लगाकर छोड़ दिया गया। अमोल ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके सिरिंज नष्ट नहीं की थीं।

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कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) ने सीजीएफ अदालत में सुनवाई के बाद जारी बयान में कहा, ‘फेडरेशन की अदालत ने डॉक्टर अमोल के खिलाफ सीजीएफ मेडिकल आयोग की शिकायत पर सुनवाई की। उन पर खेलों की ‘नो नीडल पॉलिसी’ के उल्लंघन का आरोप था।’

पाटिल ने थके हुए खिलाड़ियों को विटामिन बी कॉम्प्लेक्स इंजेक्शन के जरिए दिए थे। नो नीडल पॉलिसी के तहत सिरिंज को एक निर्धारित स्थान पर इकट्ठा करके रखने होता है जहां तक सिर्फ सीजीए दल के अधिकृत मेडिकल कर्मचारी ही पहुंच सकते हैं। ये सिरिंज नष्ट नहीं किए गए थे।

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