ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों का विकास जरूरी :राज्यपाल

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राज्यपाल मलिक ने शनिवार को वैशाली जिले के विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का परिभ्रमण किया। बु़द्ध रैलिक स्तूप, अभिषेक पुष्करणी सरोवर, विश्व शांति स्तूप, कोल्हुआ (मुजफ्फरपुर) के वैशाली स्तंभ, प्राकृत जैन शोध संस्थान, बासोकुंड जैन मंदिर आदि स्थलों का परिभ्रमण किया। परिभ्रमण कर पटना लौटने के बाद राज्यपाल श्री मलिक ने बताया कि वैशाली एवं मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल अत्यन्त भव्य और दिव्य हैं। इन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को पूर्ण रूप से विकसित किया जाना जरूरी है तथा यहां पर्यटकीय सुविधाओं एवं सड़क-सम्पर्कता को और अधिक सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है।राज्यपाल श्री मलिक ने कहा कि वैशाली एवं मुजफ्फरपुर के इन स्थलों को पूर्ण विकसित कर विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण पैदा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वैशाली और मुजफ्फरपुर के इन स्थलों को और अधिक विकसित करने हेतु वे मुख्यमंत्री से बात करेंगे। इन दोनों जिलों का पुन: पुरातात्विक सव्रे करते हुए अन्य ऐतिहासिक स्थलों को भी विकसित किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैशाली में महात्मा बुद्ध ने निवास किया था और उनसे जुड़ी कई गाथाएं भी प्रचलित हैं। विश्व में प्रथम गणतंत्र के रूप में विख्यात वैशाली की धरती के कण-कण में भगवान बुद्ध और महावीर स्वामी के संदेश और दर्शन परिव्याप्त हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृत जैन शोध संस्थान को भी और अधिक विकसित किया जाना चाहिए ताकि भगवान महावीर के संदेशों के विभिन्न आयामों से आज युवा पीढ़ी भी लाभान्वित हो सके। राज्यपाल ने कहा कि बिहार के विकास के लिए कृषि एवं पर्यटन प्रक्षेत्र को और अधिक विकसित किया जाना जरूरी है। वैशाली और मुजफ्फरपुर जिले के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटकीय दृष्टि से पूर्णत: विकसित करने हेतु आधारभूत संरचनाओं को भी सुदृढ़ किया जाना आश्वयक है। राज्यपाल ने वयोवृद्ध समाजवादी नेता सीताराम सिंह से गांधी आश्रम स्थित उनके आवास पर मुलाकात की तथा उनके स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्रम् देकर सम्मानित भी किया। राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह भी इस दौरे में राज्यपाल के साथ गये थे।

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