एससी-एसटी को रोजगार के लिए पांच लाख तक कर्ज देगी सरकार

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राज्य में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के युवा एवं युवतियों को उद्योग स्थापित करने में पांच लाख रुपया तक का कर्ज दिया जाएगा। इस कर्ज पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई निर्णय लिये गये। बैठक के बाद प्रधान सचिव मंत्रिमंडल ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों द्वारा स्व-रोजगार हेतु बैंकों के द्वारा ऋण प्राप्त करने के लिए कोलेट्रॉल सेक्यूरिटी एवं मार्जिन मनी हेतु राशि नहीं रहने के कारण संबंधित प्रक्षेत्र के लाभुकों का ऋण स्वीकृत नहीं हो पाता था। इसी को ध्यान में रखते हुए उद्योग विभाग, बिहार, पटना के द्वारा राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के युवा एवं युवतियों को उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की जा रही है। इसके अन्तर्गत संबंधित प्रक्षेत्र के सदस्यों को कुल परियोजना लागत (प्रति इकाई) का 50 प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण तथा 50 प्रतिशत अधिकतम पांच लाख विशेष प्रोत्साहन योजनान्तर्गत अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। सभी लाभुकों के प्रशिक्षण एवं परियोजना अनुश्रवण समिति सहायता के लिए प्रति इकाई 25 हजार रुपये की दर से व्यय किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2018-19 के अन्तर्गत इस योजना हेतु प्रोत्साहन राशि एक सौ दो करोड़ पचास लाख रुपये की विमुक्ति के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है।राज्य व जिलास्तर पर 74 साइबर क्राइम सोशल मीडिया यूनिट के गठन की जानकारी दी गई जिसमें आरक्षी शाखा के तहत थाना स्तर पर विधि व्यवस्था एवं अनुसंधान शाखा के अलग-अलग गठन के लिए पुलिस अवर निरीक्षक के 5244 एवं सहायक पुलिस अवर निरीक्षक के 2603 पदों के सृजन की स्वीकृति तथा राज्य/जिला स्तर पर साइबर क्राइम एवं सोशल मीडिया की 74 यूनिटों के गठन के लिए पुलिस निरीक्षक के 74, प्रोग्रामर के 74, पुलिस अवर निरीक्षक के 222, सिपाही (डाटा सहायक) के 222 एवं सिपाही के 148 पद सहित कुल 740 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में सर्वप्रथम सामाजिक प्रभाव आकलन व अध्ययन कार्य के लिए आवश्यकतानुसार संस्थानों के चयन का अधिकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को देने की स्वीकृति प्रदान की गई। बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना अन्तर्गत उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये गये गणितीय प्रतिमान केन्द्र के लिए आवश्यकता आधारित तकनीकी पदों के पदसृजन की स्वीकृति प्रदान की गई। धमदाहा (पूर्णिया) रेफरल अस्पताल की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. स्निग्धा सिन्हा को अनधिकृत रूप से लगातार अनुपस्थिति रहने के लिए बर्खास्त करने के प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गई। ‘‘बिहार राजकीयकृत माध्यमिक विद्यालय (सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली, 2018’’ की स्वीकृति प्रदान की गई। नमामि गंगे योजनान्तर्गत हाजीपुर शहर में तीन अरब बारह करोड़ चौवालिस लाख रुपये में से केन्द्रांश के रूप में दो अरब तेरह करोड़ तिरसठ लाख तथा राज्यांश के रूप में 98 करोड़ 80 लाख रुपये के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत 100 : अनुमानित लागत कुल 836.44 करोड़ के व्यय पर पटना शहर के दीघा जोन में निर्माण हेतु केन्द्रांश के रूप में स्वीकृत राशि 824.00 करोड़ रुपये पर सहमति प्रदान की गयी।

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