एनडीए में नहीं जाते तो नीतीश विपक्ष के प्रधानमंत्री पद का चेहरा होते: येचुरी

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माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि भाजपा को सत्ता से हटाना है। भाजपा विरोधी वोट को बंटने से रोकने के लिए लोकसभा चुनावों में वामदलों के साथ ही किसी भी दल से समझौता किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अफसोस है कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ चले गए। वे भाजपा के साथ नहीं गए होते, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में संयुक्त विपक्ष का प्रधानमंत्री पद के लिए चेहरा होते। लेकिन नीतीश कुमार इसे ठुकरा कर भाजपा के साथ चले गए। वैसे उपचुनाव के बाद नरेंद्र मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को सीताराम येचुरी पत्रकारों से बात कर रहे थे।

प्रणब दा पुराने कांग्रेसी, पता नहीं वे आरएसएस के कार्यक्रम में क्यों गए
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने से संबंधित सवाल पर कहा- मुझे आरएसएस के कार्यक्रम में जाने के लिए बुलाया जाता, तो किसी हालत में नहीं जाता। प्रणब दा पुराने कांग्रेसी हैं। पता नहीं क्यों वे चले गए। आएसएस की गतिविधि देश और समाज के हित में नहीं हैं। अपने भाषण में भी उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र नहीं किया। आरएसएस को कांग्रेस ने तीन बार प्रतिबंधित किया था।

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देश हित के लिए मोदी सरकार को हटाना जरूरी
क्या भाजपा को हटाने के लिए भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं और उनकी पार्टियों से आपकी पार्टी समझौता करेगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी देश और जनता के हित में मोदी सरकार को हटाना जरूरी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई हमारी जारी रहेगी।

मोदी सरकार ने जनता को धोखा दिया
येचुरी ने कहा कि चार साल में जनता से किया एक भी वादा इस सरकार ने पूरा नहीं किया। दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देने की बात भूल गए, उल्टे बेरोजगारी बढ़ा दी। नियोजनालयों और मंत्रालय को बेरोजगारी का खुलासा नहीं करने का निर्देश दिया गया है। किसान खुदकुशी करने के लिए मजबूर हैं। महंगाई हर रोज बढ़ रही है। कई दशक बाद लोगों की आमदनी घट रही है। मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। पेट्रोलियम पदार्थ की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। नोटबंदी और जीएसटी से अर्थव्यवस्था ही चौपट नहीं हुई, बल्कि लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। 11.50 लाख करोड़ लेकर भागने वालों की सरकार मदद कर रही है। गोरक्षा के नाम पर देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। नफरत का वातावरण बना दिया गया है। जन आंदोलन को मजबूत करना है। वामपंथी जनवादी ताकत मोदी सरकार को हटाने में सफल होगी।

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