उनसे तो मैं ‘ठीक से बात’ करूंगा

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों अपने एक मंत्री से परेशान और नाराज हैं. मंत्री महेश्वर हजारी ने बगावती तेवर दिखाते हुए सीएम नीतीश के एक फैसले का विरोध किया और विपक्षी आरजेडी के सुर में सुर मिला बैठे. इससे खफा नीतीश कुमार ने भरी सभा में मंत्री के क्लास लेने के संकेत दिए. दरअसल यह मामला समस्तीपुर जिले के सरायरंजन में श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज खोले जाने से जुड़ा है. इस मेडिकल कॉलेज की समस्तीपुर शहर की बजाय सरायरंजन में आधारशिला रखी गई तो मंत्री महेश्वर हजारी को गुस्सा आ गया और उन्होंने इसे लेकर अपने ही मुखिया नीतीश कुमार के खिलाफ आक्रोश जाहिर कर दिया. मीडिया में बयान देने वाले मंत्री महेश्वर हजारी के बारे में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जानकारी मिली तो सीएम ने कहा कि उनसे तो मैं ‘ठीक से बात’ करूंगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बात का ऐलान समस्तीपुर में सार्वजनिक सभा में किया. उन्होंने कहा कि मैं अपने मंत्री से पूछूंगा कि उन्होंने क्या बयान दिया है.

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क्या कहा था मंत्री महेश्वर हजारी ने
महेश्वर हजारी ने इशारों-इशारों में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि किसी बड़े नेता के दबाव में और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के रूल के खिलाफ जाकर समस्तीपुर मुख्यालय से दूर अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने नीतीश सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि ये ठीक नहीं है.

नीतीश ने पूछा- कॉलेज समस्तीपुर में नहीं तो क्या दरभंगा में बन रहा है?
दरअसल बुधवार को नीतीश कुमार समस्तीपुर के सरायरंजन में श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का शिलान्यास करने पहुंचे थे. नीतीश ने पूछा कि ये अस्पताल समस्तीपुर में नहीं तो क्या दरभंगा और बेगूसराय में बन रहा है. सीएम ने कहा कि उन्हें ये खबर मिली है कि सरकार के मंत्री महेश्वर हजारी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनने का विरोध किया है. नाराज नीतीश ने कहा कि ये बहुत ही गलत बात है और मैं मंत्री महेश्वर हजारी से बात करूंगा. उन्होंने कहा कि मंत्री से पूछा जायेगा कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया. बता दें कि मंत्री महेश्वर हजारी ने दबी जुबान से और बिना नाम लिये विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी की तरफ इशारा किया था जिनके इलाके में ये मेडिकल कॉलेज खुल रहा है.

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निशाने पर आरजेडी और कांग्रेस भी

सीएम नीतीश कुमार ने इस मामले में आरजेडी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा और पूछा कि वर्ष 2012 में ही समस्तीपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने का फैसला लिया गया था. सात साल से ये मामला पेंडिंग था. इन सात वर्षों में किसी ने समस्तीपुर शहर में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देने की पहल क्यों नहीं की. बता दें कि समस्तीपुर के सरायरंजन में मेडिकल कॉलेज खोले जाने के विरोध में आरजेडी के विधायक जहां धरना पर बैठ गए थे वहीं पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपना सिर मुंडवाया था. मुख्यमंत्री ने मीडिया से भी ऐसी चीजों को पब्लिसिटी न देने की अपील की. उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक में ही इस अस्पताल के नाम का भी फैसला लिया गया था.

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