उत्तर बिहार में बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर,सैकड़ों गांव टापू में हुए तब्दील, 10 जिलों में बाढ़ का कहर, 16 की मौत

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राज्य में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अब धीरे-धीरे खतरनाक रूप लेना शुरू कर दिया है। भारी बारिश की वजह से राज्य के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, फारबिसगंज, शिवहर और किशनगंज जैसे इलाकों में में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। सीतामढ़ी, मोतिहारी, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर व पूर्णिया की स्थिति सबसे खराब है. देर रात कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिये गये. कोसी बराज के ऊपर लाल बत्ती जलायी गयी. अभियंताओं की टीम कोसी बराज पर कैंप कर रही है. वहीं विभिन्न जिलों में बाढ़ में डूबने के कारण अब तक 16 लोगों की मौत होने की सूचना है. शनिवार को गंडक बराज से 2.1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है. वहीं रात 12 बजे नेपाल के कोसी बराज से 3.89 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया.

दरभंगा समेत आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी भारी बारिश के कारण कमला नदी में जलस्तर बढ़ने से तारडीह प्रखंड के कैथवार के पास तटबंध से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने की कोशिश शुरू कर दी गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लगातार जारी बारिश के कारण कमला नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से तटबंध पर दबाव बना हुआ था। अत्याधिक दबाव से शनिवार की शाम कैथवार के समीप 57 किलोमीटर पर बने नवनिर्मित स्लूईसगेट के बगल से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि नवनिर्मित स्लूईस गेट के बगल से पानी का रिसाव हो रहा है जिसे बोरियों की पैकिंग से नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। इस बीच रिसाव की सूचना मिलते ही बचाव दल तटबंध की ओर रवाना हो गया है। तटबंध से रिसाव से सैकड़ों गांव में बाढ़ का पानी फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं, दूसरी ओर बागमती नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण दरभंगा शहरी सुरक्षा बांध भी करीब 200 फुट तक क्षतिग्रस्त हो गया है। बांध के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं। क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मति के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है।

दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे प्रखंड मुख्यालय से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट चुका है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने ऊंचे स्थानों पर शरण लेना शुरू कर दिया है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले रहा है। घनश्यामपुर प्रखंड स्थित नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से तटबंधों पर दबाव बढ़ रहा है। इससे इतर, दरभंगा शहरी सुरक्षा तटबंध में दरार आने से हड़कंप मच गया। हालांकि बागमती नदी में पानी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है, जिससे थोड़ी राहत है।

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इधर, दरभंगा रक्सौल मार्ग पर रक्सौल और बैरगनिया के बीच एक पुल के नीचे कटाव के कारण सीतामढ़ी से रक्सौल के बीच ट्रेनों परिचालन को बंद कर दिया गया है। रक्सौल से दरभंगा होकर हावड़ा जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन का रुट बदलकर सुगौली समस्तीपुर मुजफ्फरपुर होकर कर दिया गया। इस कारण ट्रेन का इंतजार कर रहे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरभंगा से सीतामढ़ी तक ही ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। समस्तीपुर रेल मंडल के एडीआरएम एसआर मीणा ने अपनी टीम के साथ दरभंगा होकर रेलवे पुल पर कटाव की स्थिति का जायजा लिया।

मुजफ्फरपुर में बागमती नदी लाल निशान के पार : बागमती के जल अधिग्रहण वाले क्षेत्रों में विगत सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण बागमती एवं उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। कटौंझा में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 274 सेंटीमीटर ऊपर रहा। वहीं उसकी सहायक नदी लखनदेई नदी के तटबंध पर कई जगह दबाव बना हुआ है। सिमरी के निकट लखनदेई नदी के पूर्वी बांध में रिसाव होने की भी खबर है। बागमती परियोजना उत्तरी और दक्षिणी बांध के बीच अवस्थित एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। खतरे की आशंका को लेकर लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना भी शुरू कर दिया है।

फारबिसगंज के 12 से ज्यादा गांवों में घुसा पानी : नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश से इस इलाके की प्रमुख नदियों में पानी का जबरदस्त दबाव बनता जा रहा है। फारबिसगंज के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी लगातर बढ़ता ही जा रहा है। ग्रामीणों ने खतरे की आशंका के मद्देनजर ऊंचे स्थानों व मकानों की छतों पर शरण ले रखी है। प्रखंड के अमहारा, कमता, बलियाडी, रमैय, घोड़ाघाट, खेड़खां, बोचाभाग, गढहा, खमकोल, मटियारी , धनपुरा, हंसकोशा, मझुआ आदि में हालत भयावह हो रही है। शनिवार को फारबिसगंज प्रखंड की अमहारा पंचायत के वार्ड नंबर 8 के बलियाडी डोला निवासी अशोक मंडल उम्र 35 वर्ष पिता प्रेमलाल मंडल की मौत बाढ़ में डूबने से हो गयी। वह बाढ़ से बचने के लिए परिवार के साथ ऊंचे स्थान पर आसरा लेने जा रहा था, तभी पैर फिसलने से वह गहरे पानी में जा डूबा।
दूसरी ओर अररिया जिले में एहतियात के तौर सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालय 14 जुलाई तक बंद कर दिये गये हैं। उधर, अररिया के पलासी प्रखंड से होकर गुजरने वाली बकरा नदी में उफान आ गयी है। इस इलाके के करीब एक दर्जन गांवों के निचले हिस्से में नदी का पानी फैलने लगा है। वहीं बकरा का पानी कई ग्रामीण सड़कों पर भी बहना शुरू हो गया। जलस्तर बढ़ने के कारण इनारा चौक से जहानपुर गांव तक जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क पर मोदीएन धार में बना डायवर्सन भी ध्वस्त हो गया है। इस कारण बाढ़ प्रभावित इलाके की एक दर्जन गांवों की हजारों की आवाजाही प्रभावित हो गयी है।

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शिवहर शहर में घुसा बाढ़ का पानी : शनिवार को बागमती नदी का उफान और तेज हो गया। बेलवा नदी के डैम के पास दोनों तरफ से बांध का कटाव तेजी से हो रहा है। इस कारण नरकटिया गांव, बेलवा, सिंगराही ,अंबा कोठी पूरी तरीके से जलमग्न हो गया है तथा आवागमन उक्त गांव का बाधित हो चुका है।अंबा कोठी के पास स्टेट हाईवे संख्या 54 पर जो बेलवा घाट जाती है उक्त सड़क पर तकरीबन डेढ़ फीट से ऊपर पानी बह रहा है। कई जगहों पर बांध के अंदर रिसाव होने की भी सूचना है।

किशनगंज में डूबने से बालक की मौत : किशनगंज जिला मुख्यालय से सटे महानंदा एवं रमजान नदियों का पानी प्रखंड के दर्जनों गांवों में प्रवेश कर गया जिससे स्थिति भयावह हो गयी है। मौजाबाड़ी के मदरसा टोला में बाढ़ के पानी से भरे आंगन में डूबने से जहां 5 साल के एक बच्चे की मौत हो गयी। वहीं दिघलबैक के बेरबन्ना में शुक्रवार को डूबे बच्चे की तलाश अबतक जारी है। किशनगंज-बहादुरगंज मुख्य सड़क के भेड़ियाडांगी ब्लॉक चौक स्थित 2017 में आय पल्रयकारी बाढ़ से कटे डायवर्सन फिर से कट जाने के बाद जिले के अधिकतम प्रखंडों के लोगों का आगमन दिन भर के लिए बाधित हो गया। जिले के चार प्रखंडों का जिला मुख्यालय समेत अररिया व नेपाल से सड़क संपर्क भंग हो गया है।

बाढ़ का पानी बगहा- बेतिया एनएच 727 पर चौतरवा के समीप दो फुट बह रहा है. सीतामढ़ी के रीगा-मेजरगंज पथ पर इमली बाजार लचका के समीप स्थित पुलिया शनिवार की देर शाम पानी के तेज बहाव में बह गया. इस दौरान तकरीबन एक दर्जन लोग बीच मझधार में फंस गये. सुप्पी प्रखंड के जमला में तटबंध टूटने व बागमती एवं अधवारा समूह के नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है. इससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गये हैं. मुख्य सड़क पर पानी के तेज बहाव व सड़क टूटने के कारण जिले के सोनबरसा, बैरगनिया, सुरसंड, सुप्पी, परिहार व सुरसंड का सीधा सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है. सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड पर गुरहनवां हाल्ट के समीप ट्रैक पर बाढ़ का पानी आ जाने के कारण ट्रेन परिचालन बाधित है. नयी दिल्ली व जालंधर जाने वाली ट्रेन का रूट बदल दिया गया है. वहीं पाटलिपुत्र जाने वाली ट्रेन का परिचालन रद्द कर दिया गया है. मधुबनी में कमला व भूतही बलान सहित सभी नदियां उफना गयी हैं. जयनगर में कमला का पानी कमला ब्रिज पर चढ़ गया है. भूतही बलान व कमला खतरे के निशान से पांच फुट ऊपर बह रही हैं. झंझारपुर में भी कमला खतरे के निशान से पांच फुट ऊपर बह रही थी.

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एनडीआरएफ की भेजी गयी टीम

पटना : पिछले 24 घंटे में नेपाल सहित राज्य में बारिश से मोतिहारी और मधुबनी जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. मधुबनी जिले में कमला बलान नदी के किनारे के इलाकों के गांवों में पानी घुसने की सूचना है. इन जिलों में एनडीआरएफ की टीम भेजी गयी है. जल संसाधन विभाग के मंत्री रविवार को मधुबनी जिले का दौरा करेंगे. आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा है कि उनका विभाग अलर्ट पर है. संवेदनशील स्थलों पर नजर रखी जा रही है और अधिकारियों की तैनाती की गयी है. किसी भी परिस्थिति में लोगों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध करवायी जायेगी. मोतिहारी, सीतामढ़ी और मधुबनी जिले में सुपौल और दरभंगा से एनडीआरएफ की टीम भेजी गयी है. जल संसाधन विभाग के मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि वे रविवार को मधुबनी जिले का दौरा करेंगे. विभाग के इंजीनियर और अधिकारी संवेदनशील स्थलों पर तैनात किये गये हैं. बाढ़ से सुरक्षा के बंदोबस्त किये गये हैं.

कहां क्या स्थिति
गंडक बराज से 2.1 व कोसी बराज से 3.89 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
बगहा-बेतिया एनएच 727 पर दो फुट चढ़ा पानी
मधुबनी में कमला व भूतही बलान खतरे के निशान से पांच फुट ऊपर
मोतिहारी में तटबंध में कई जगह रिसाव, घास काटने गयी एक लड़की डूबी, मौत
अररिया में बीडीओ के सरकारी निवास में घुसा पानी, बीडीओ ने दूसरे स्थान पर ली शरण.
जयनगर में कमला पुल पर चढ़ा बाढ़ का पानी
सीतामढ़ी में पानी के तेज बहाव से नेपाल से संपर्क टूटा, 20 जुलाई तक सभी स्कूल बंद
फारबिसगंज में दो दर्जन पंचायतों की स्थिति भयावह
अररिया-कुर्साकांटा की लाइफ लाइन सड़क रामपुर बोची के पास हुई क्षतिग्रस्त, फंसे सैकड़ों वाहन

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