उच्च शिक्षा के ब्लूप्रिन्ट में नयी शिक्षा नीति का रहेगा ध्यान

0
16
file photo

राज्यपाल लाल जी टंडन के निर्देशानुरूप ‘‘उच्च शिक्षा की रूपरेखा’ के प्रारूप को ठोस रूप देने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की प्रारंभिक बैठक मंगलवार को राजभवन सभागार में हुई।‘‘ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप प्रदान करने के लिए आवश्यक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य में उच्च शिक्षा की रूपरेखा तैयार करने के क्रम में ‘‘नई शिक्षा नीति-2019’ के प्रसारित प्रारूप को भी ध्यान में रखा जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि राजभवन में जल्दी ही ‘‘नई शिक्षा नीति’ के प्रारूप पर विचार हेतु एक सेमिनार आयोजित किया जाएगा। ‘‘उच्च शिक्षा के ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप प्रदान करने के लिए गठित समिति में पटना विविद्यालय के कुलपति प्रो.रासबिहारी प्रसाद सिंह, ललित नारायण मिथिला विविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो.एसके सिंह, तिलका मांझी विविद्यालय, भागलपुर के कुलपति प्रो. लीलाचंद साहा, पटना विविद्यालय की प्रतिकुलपति प्रो. डॉली सिन्हा, पाटलिपुत्र विविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. गिरीश कुमार चौधरी के अतिरिक्त शिक्षा विभाग के विशेष सचिव तथा वित्त एवं योजना विकास विभाग के अपर सचिव भी शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ‘‘उच्च शिक्षा की रूपरेखा’ को ठोस रूप देने के क्रम में राज्य के विभिन्न विविद्यालयों के कुलपतियों के प्राप्त मंतव्यों पर भी सम्यक रूप से विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यथार्थवादी दृष्टिकोण के साथ विभिन्न आवश्यक योजनाओं और उनके लिए यथापेक्षित राशि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए उनके लिए ‘‘माइक्रो प्लान’ तैयार किया जाना तथा अनुमानित आवश्यक राशि का भी प्रस्ताव समर्पित किया जाना अपेक्षित है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रमुख दस विन्दुओं पर योजनाओं का सूतण्रकिया जाएगा एवं अध्यायवार समिति प्रस्ताव तैयार करेगी। बैठक में यह तय हुआ कि इस काम को प्राथमिकतापूर्वक करते हुए ‘‘ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप शीघ्र ही प्रदान किया जाएगा। समिति ने निर्णय लिया कि इन प्रमुख दस अध्यायों के रूप में प्रस्ताव तैयार किये जायेंगे- अकादमिक सुधार (शिक्षण एवं लर्निंग प्रोसेस, परीक्षा विषयक सुधार तथा फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम), डिजिटीकरण एवं स्वचालन, अनुसंधान एवं नवीकरण में उत्कृष्टता, पुस्तकालय स्वचालन, छात्र गतिविधियों का विकास (प्लेसमेंट सेल, पूर्ववर्ती छात्र संघ का सुसंचालन), व्यावहारिक शिक्षा एवं कौशल उन्नयन विस्तार गतिविधियां एवं सामाजिक शिक्षा की वैकल्पिक पण्राली, सांस्थिक आधारभूत संरचना और सांस्थिक प्रत्ययन। बैठक में सदस्यों ने यह विचार व्यक्त किया कि वर्षवार योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए समयावधि निर्धारित होनी चाहिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ‘‘ब्लूप्रिन्ट’ का ठोस रूप तैयार करते समय छात्र-हित को सवरेपरि रखा जाएगा तथा यह व्यवस्था सुझायी जाएगी कि अकादमिक कैलेण्डर, डिजिटीकरण तथा शोध व नवाचारी कार्यक्रमों को शिक्षण संस्थानों में प्राथमिकता मिले। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ‘‘ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप प्रदान करने के उद्देश्य से गठित समिति की बैठक 16 जुलाई को पुन: होगी। बैठक में राजभवन के अपर सचिव विजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी (न्यायिक) फूलचंद चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी (विविद्यालय) अहमद महमूद सहित राज्यपाल सचिवालय के अन्य वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह भी पढ़े  बिहार विस के प्रतिनिधिमंडल ने देखी मॉरीशस की नेशनल असेम्बली की कार्यवाही

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here