उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ चैती छठ पर्व संपन्न, घाटों पर रही श्रद्धालुओं की भीड़

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PATNA GANGA NADI MEIN CHAETI CHATT KE ABSAR PER ARDH DETE

लोकआस्था का महान पर्व चैती छठ आज उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ समाप्त हो गया. बिहार की राजधानी पटना सहित अन्य शहरों में नदियों और तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. ज्ञात हो कि 9 अप्रैल को नहाय-खाय के साथ चैती छठ की शुरुआत हुई थी. छठ को देखते हुए कई घाटों पर प्रशासन की तरफ से अधिकारियों की तैनाती की गई थी. प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे.
श्रद्धालुओं ने उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ का प्रसाद ग्रहण किया. चार दिवसीय इस अनुष्ठान के चौथे दिन अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने अन्न-जल ग्रहण कर ‘पारण’ किया और 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त किया.व्रती छठी मईया से अपने सुखमय जीवन के लिये मन्नतें मांगते हैं. बिहार के साथ-साथ पूर्वांचल में छठ पर्व को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं.

राजधानी पटना में चैती छठ को लेकर गंगा घाटों को सजाया गया था । छठ व्रतियों ने गुरुवार को डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया। छठ व्रती शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अघ्र्य के साथ आज संपन्न हो गया । पटना में चैती छठ को लेकर गंगा घाटों की आकर्षक सजावट की गयी थी । मुहल्लों में स्थित पार्क में बने घाटों पर भी छठ व्रतियों ने अघ्र्य दिया। मुहल्लेवासी भी छठ व्रतियों के साथ छठ पूजा में शामिल हुए। गंगा घाटों पर भी छठ व्रतियों को किसी तरह की दिक्कत न हो स्थानीय लोगों ने सहयोग किया और साफ-सफाई की। कुछ छठ व्रती गंगा घट पर रुक कर पूरी रात गंगा मईया की आराधना करने का संकल्प लिया। प्रशासन की ओर से भी छठ व्रतियों को दिक्कत न हो इसके लिए जगह-जगह पर पुलिस तैनात रहे। कृष्णा घाट, गांधी घाट, पटना कॉलेज घाट व दरभंगा हाउस घाट पर व्रतियों ने डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया। पीपापुल घाट, नासरीगंज घाट, शाहपुर घाट पर विशेष व्यवस्था दानापुर। लोक आस्था का महापर्व चैती छठ पर बृहस्पतिवार को दानापुर के विभिन्न घाटों पर व्रतियों ने डूबते सूर्य भगवान को अघ्र्य दिया। इसको लेकर पीपापुल घाट, नासरीगंज घाट, शाहपुर घाट पर विशेष व्यवस्था की गयी थी। जहां सैक ड़ों की संख्या में श्रद्वालु भक्तगण पहुंचे थे। छठ व्रत के चौथे दिन शुक्रवार को व्रतियों द्वारा उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ छठ व्रत संपन्न हो जायेगा। घाटों पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के इंतजाम किये गये थे।

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जिलाधिकारी कुमार रवि ने चैती छठ पर्व के पहले अघ्र्य के दिन दीघा पाटीपुल घाट से गायघाट तक सभी घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में सभी घाटों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। नकटा दियारा घाट, शिवा घाट, मीनार घाट, गेट नंबर-32 एवं 33 घाट, सूर्य मंदिर घाट, गेट नंबर-83 घाट, बांस घाट, कलेक्ट्रेट एवं महेन्द्रू घाट, गांधी घाट, लॉ कॉलेज घाट, रानी घाट, बरहरवा घाट, बालू घाट, घघा घाट, रौशन घाट, जगन्नाथ घाट, चौधरी टोला घाट, देवराहा बाबा घाट, पथरी घाट, भद्र घाट, कंटाही घाट, महावीर घाट एवं गाय घाट में प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्था की गयी है। गाय घाट में छठ व्रतियों की भीड़ को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी पटना सिटी को निर्देश दिया कि सभी घाटों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी 02 बजे रात्रि से ही अपने कर्तव्यों पर पूर्ण तत्पर एवं मुस्तैद रहेंगे। गाय घाट पर छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एक-एक यूनिट फायर टेंडर की प्रतिनियुक्ति रहे। जिला अग्निशमन पदाधिकारी अपने स्तर से आकस्मिकता प्लान तैयार कर प्रतिनियुक्त कर्मियों के साथ स्वयं मुस्तैद रहेंगे। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने पाया कि सभी घाटों पर चेंजिंग रूम एवं यूरिनल (पुरु ष एवं महिला) की व्यवस्था है। भीड़ नियंतण्रके लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की गयी है। सभी घाटों पर साफ-सफाई, पहुंच पथ एवं रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था है। बैरिकेडिंग कर खतरनाक या अनुपयुक्त घाटों को बंद कर दिया गया है। छठव्रती ऐसे घाटों पर नहीं जायें इसलिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के साथ पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल भी अपने कर्तव्य पर मुस्तैद हैं। सभी सामान्य घाटों की बैरिकेडिंग की गई है। छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के बचाव एवं विधि-व्यवस्था संधारण के दृष्टिकोण से मोटर बोट एवं अन्य संसाधनों के साथ चार एनडीआरएफ दल कार्यरत हैं, जिसके साथ 26 वोट और 200 जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी कुमार रवि के साथ वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक, अपर जिला दंडाधिकारी आपदा मोईजुद्दीन, अपर जिला दंडाधिकारी विशेष अरुण कुमार झा, अनुमंडल पदाधिकारी पटना सिटी राजेश रौशन सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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चैती छठ के पहले अघ्र्य के दिन बृहस्पतिवार को एनडीआरएफ के जवानों ने गंगा नदी घाटों पर लगातार पेट्रोलिंग की। जवानऔर बचावकर्मी श्रद्धालुओं पर नजर रखे हुए थे और उन्हें गहरे पानी में जाने से रोक रहे थे। 9 वीं बटालियन एनडीआरएफ की छह टीमें गंगा नदी के घाटों पर तैनात की गई हैं। इनमें 250 बचावकर्मी शामिल हैं। टीमों में कुशल तैराक एवं प्रशिक्षित गोताखोर डीप डाइविंग सेट के साथ तैनात किये गए हैं। दीघा घाट, गांधी घाट तथा गाय घाट पर एनडीआरएफ के चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में मेडिकल बेस कैंप स्थापित किये गए हैं। मेडिकल टीम आवश्यक दवाइयों के साथ किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। कमांडेंट विजय सिन्हा की देखरेख में सभी व्यवस्था काम कर रही है।

ज्ञात हो कि नवरात्रों की तरह हर साल दो बार सूर्य की उपासना का व्रत छठ भी मनाया जाता है. 9 अप्रैल को नहाय-खाय के साथ इस महापर्व की शुरुआत हो गई थी. दूसरे दिन 10 अप्रैल को लोगों द्वारा खरना व्रत किया गया है. इसके बाद सूर्य भगवान को सायंकालीन अर्घ्य 11 अप्रैल यानी आज दिया गया और 12 अप्रैल के दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह अनुष्ठान संपन्न हो गया.

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