आप कौन होते हैं हमें डिक्टेट करने वाले? :पुड्डुचेरी के सीएम

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पहली बार दक्षिण के तीन राज्यों के वित्त मंत्रियों ने तिरुवनंतपुरम में मुलाकात की और राज्य सरकारों के साथ खराब व्यवहार के लिए केंद्र सरकार की जमकर निंदा की. कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल के अलावा पुडुचेरी के प्रतिनिधियों ने भी इस मीटिंग में भाग लिया. हालांकि तेलंगाना और तमिलनाडु से किसी ने मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

मीटिंग में आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री ईरामाला रामकृष्णनुडू, कर्नाटक के कृषि मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणस्वामी ने इसमें भाग लिया.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बैठक का उद्घाटन करते हुए 15वें वित्त आयोग में संशोधन की मांग की और कहा कि यह वित्तीय संघवाद और लोकतांत्रिक सुशासन पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है. जो राज्य अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं उन्हें दंडित किया जाना न्यायसंगत नहीं है. इसके द्वारा राज्यों के वित्तीय अधिकारों में काफी हस्तक्षेप किया जाता है.

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पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणस्वामी ने कहा कि बेहतर परफॉर्म करने वाले राज्यों के साथ यह अन्याय है. उन्होंने कहा कि अच्छा पदर्शन करने वाले राज्यों को दंडित किया जा रहा है जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों को पुरस्कृत किया जा रहा है. पीएम हमेशा को-ऑपरेटिल फेडरलिज़म की बात करते हैं लेकिन वास्तव में ये तानाशाही है. चूंकि केंद्र राज्यों से अधिकार ले रहा है इसलिए राज्यों को भुगतना पड़ रहा है. आप हमें डिक्टेट करने वाले कौन होते हैं. हमें लोगों की नब्ज़ पता है. हम लोगों की नब्ज़ पहचानकर लोकप्रिय स्कीम ला रहे हैं.उन्होंने आगे कहा कि किरण बेदी के रूप में हमारे पास एक बेहतरीन गवर्नर है. मै जितनी भी फाइलें देता हूं वो सभी को रोक देती हैं. मैं रोज़ उनके साथ संघर्ष कर रहा हूं.

दक्षिण भारत की चिंताएं

15वें वित्त आयोग का गठन नवंबर 2017 में हुआ. आयोग राज्य व केंद्र के बीच टैक्स के वितरण के लिए आबादी को एक महत्त्वपूर्ण फैक्टर के रूप में मानता है. यह 2020 से आगामी 5 सालों के लिए सिफारिशें करेगा, जिसके लिए यह 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करेगा. जबकि दक्षिण भारत के राज्य चाहते हैं कि इसके लिए 1971 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाए. उनका कहना है कि उत्तरी राज्यों की तुलना में जनसंख्या को नियंत्रित करने में दक्षिण के राज्यों ने ज़्यादा प्रगति की है.

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