आठ अप्रैल को गांधी मैदान में शक्ति प्रदर्शन करेगा हम (से.)

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आगामी चुनाव की तैयारी में जुटा हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से) नयी सोशल इंजीनियरिंग के साथ 8 अप्रैल को गांधी मैदान में पार्टी को रीलांच करने जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह एक तरह से बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में नये जातीय समीकरण और गठबंधन के नये साथियों के साथ हम (से) के ताकत प्रदर्शन का आगाज साबित हो सकता है। राजनीतिक गलियारों की मानें तो हम (से) कांग्रेस की तर्ज पर राज्य भर में दलित व सर्वण (डी.एस) के समीकरण को मजबूत आधार देकर अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाने जा रहा है। भरोसा यह है कि पार्टी गठबंधन दल के साथी राजद के माई समीकरण के साथ भविष्य की राजनीति को नयी सोशल इंजीनियरिंग की आधारभूमि पर आजमाना भी चाह रही है। अभी तक की जानकारी के अनुसार इस नयी सोशल इंजीनिरिंग को गरीब महासम्मेलन के मंच पर पुख्ता करने की तैयारी हो चुकी है। हम(से) के रणनीतिकारों की मानें तो इस लिहाजन मंच पर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी,कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कौकब कादरी, पूर्व मंत्री सदानंद सिंह के अलावा हम (से) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी, प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल, पूर्व मंत्री महाचंद्र सिंह,अनिल सिंह, अजीत सिंह, ब्रह्मदेव पासवान, ई/अजय यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश की मौजूदगी में हम (से) की इस नयी सोशल इंजीनियरिंग को गरीब महासम्मेलन में मुहर लगाने की पूरी तैयारी कर ली गयी है। महागठबंधन के तमाम शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में एक विशेष रणनीति के तहत दलित व सवर्ण के मुद्दे को इस गरीब महासम्मेलन में उठाया भी जाएगा। जहां दलितों के आरक्षण खास कर प्रोन्नति में आरक्षण के साथ-साथ एस.सी/एस.टी कानून में बदलाव की साजिश को भी पर्दाफाश करना है। राजनीतिक एजेंडे के रूप में भी हम(से) आरक्षित विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र में केवल दलित के वोट देने के अधिकार की भी पुरजोर वकालत करने जा रही है। इसके साथ ही हम (से) सवर्ण गरीबों के लिए भी आरक्षण की मांग को इस मंच से मजबूती से उठाने जा रही है। साथ ही 10 एकड़ तक के जमीन मालिक को बिजली माफी का हकदार बनाने की रणनीति भी सवर्ण को खुश करने का एजेंडा माना जा रहा है। पूर्व मंत्री व हम (से) के वरीय नेता महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस गरीब महासम्मेलन के प्रति दलित व सवर्ण काफी उत्साहित हैं। गोपालगंज, महाराजगंज व छपरा के दौरे में दलित व सवर्ण जाति के लोगों में इस महासम्मेलन को काफी उम्मीद और उत्सुकता भी है। 8 अप्रैल को होने वाला यह सम्मेलन कई मायने में ऐतिहासिक होने जा रहा है। खास कर यह राज्य में विपक्ष को एक मजबूत आधार दे जाएगा वह भी राजद व कांग्रेस के शीर्ष नेताअें की मौजूदगी में। 

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