आज 20 नवंबर के इतिहास

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20 नवंबर वर्ष 1910 को रूस के प्रसिद्ध लेखक लियोन टॉलेस्ट्वाय leo Tolstoy का निधन हुआ। उनका जन्म 1828 में हुआ था और उनके जन्म के कुछ ही वर्ष के बाद उनके माता पिता का देहान्त हो गया। उन्होंने यूरोपीय समाज के बारे में व्यापक अध्ययन किया। अपने इन्हीं अध्ययनों के कारण वे पश्चिमी समाज की भौतिक सभ्यता से ऊब गये। रूस के इस प्रसिद्ध लेखक ने बच्चों की शिक्षा और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया और समाज के पिछड़े और वंचित वर्ग को ऊपर लाने का बहुत प्रयास किया। उन्होंने कई महत्त्वपूर्ण पुस्तके लिखी हैं जिनका अनुवाद है, प्रलय और बाल्याकाल। उन्होंने कई नावेल भी लिखे हैं।

20 नवम्बर सन 1920 ईसवी को ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध इराक़ी जनता का आंदोलन विफल हुआ। प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति और उसमानी शासन के पतन के बाद ब्रिटेन और फ़्रांस ने मध्यपूर्वी एशिया के क्षेत्रों को आपस में बॉट लिया किंतु आरंभ से उन्हें जनविरोध का सामना करना पड़ा। 1920 का इराक़ी जनता का आंदोलन विदेशियों को बाहर निकालने और प्रजांतात्रिक व्यवस्था की स्थापना के लिए आरंभ हुआ था। यद्यपि इस आंदोलन में जनता ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया और बलि दी किंतु ब्रिटेन ने उस समय के आधुनिक हथियारों के प्रयोग से लोगों का जनसंहार किया और इस आंदोलन को कुचल दिया।

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20 नवम्बर सन 1950 ईसवी को कोरिया युद्ध में पहली बार अमरीका और चीन की सेनाओं का आमना सामना हुआ। उत्तरी और दक्षिणी कोरिया के बीच मतभेद उत्पन्न हो गया था जिसे अमरीका, रुस और चीन ने और भी व्यापक कर दिया। अमरीका दक्षिणी कोरिया और पूर्व सोवियत संघ तथा चीन उत्तरी कोरिया का समर्थन कर रहे थे। कोरिया युद्ध में दोनों पक्षों को भारी क्षति हुई। अंतत: संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से यह युद्ध रुका और कोरिया प्राय द्वीप दो देशों उत्तरी कोरिया और दक्षिणी कोरिया में बॅट गया।

20 नवमबर सन 1960 ईसवी को स्वीडन में योरोपीय देशों के सातवें कन्वेन्शन में स्वतंत्र योरोपीय व्यापार संगठन एफ़टा के गठन के प्रस्ताव पर सहमति हुई। इस संगठन में ऑस्ट्रिया फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन सहित सात योरोपीय देश शामिल थे। उक्त चारों देश पश्चिमी ब्लॉक में शामिल थे किंतु वे योरोप के संयुक्त बाजार से नहीं जुड़ना चाह रहे थे। इसी लिए इन देशों ने स्वतंत्र व्यापार के समझौते पर हस्ताक्षर किये किंतु योरोप में कुछ परिवर्तन होने तथा योरोपीय संघ में ब्रिटेन और डेनमार्क के शामिल होने के बाद एफ़टा ने योरोप के संयुक्त बाजार के साथ समझौता कर लिया।

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20 नवम्बर सन 1962 ईसवी को डेनमार्क के प्रसिद्ध वैज्ञानिक नील बोहर का 82 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे भौतिक शास्त्री थे। उनका जन्म 1880 में हुआ था। बचपन में उन्हें गणित से विशेष लगाव था। उन्होंने इस विषय में व्यापक अध्ययन और शोधकार्य किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने अणु के बारे में भी बहुत अध्ययन और कुछ अविष्कार किये जिसके कारण उन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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