आज 1 दिसम्बर का इतिहास

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पहली दिसंबर सन 1825 ईसवी को रूस के बाहर निकल जाने के साथ ही यूरोपीय देशों का पवित्र संघ नामक गठबंधन टूट गया। यह संघ वर्ष 1815 में नेपोलियन की पराजय और वियना कान्फ्रेन्स के बाद रूस, आस्ट्रिया और प्रॉस के राजाओं के बीच समझौते पर हस्ताक्षर से अस्तित्व में आया था। इस समझौते के आधार पर तीन शासक प्रतिबद्ध हुए थे कि वे ईसाई धर्म के नियमों का पालन करेंगे। कुछ समय बाद दूसरे यूरोपीय देश भी इस संघ में शामिल हो गए। समझौते के भ्रामक नियमों का प्रयोग यूरोपीय देशों में स्वतंत्रता प्रेमी आंदोलनों को कुचलने के लिए किया गया।

पहली दिसंबर सन 1897 ईसवी को इटली और विश्व के अत्यंत छोटे गणराज्य सैन मैरीनो के मध्य, जो इटली के बीच में स्थित है,  अनाक्रमण संधि हुई। सैन मैरीनो का क्षेत्रफल 61 वर्ग किलोमीटर है।

पहली दिसंबर सन 2011 को संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति के अध्यक्ष पद पर भारतीय उम्मीदवार दिलीप लाहिरी दोबारा निर्वाचित हुए। तीन साल का उनका दूसरा कार्यकाल 20 जनवरी, सन् 2012 से शुरू हुआ। संयुक्त राष्ट्र में इस पद के लिए हुए निर्वाचन में लाहिरी के पक्ष में 147 मत पड़े। समिति के अन्य सदस्य रोमानिया, कोलम्बिया, दक्षिण अफ्रीका, बुरकीना फासो, ग्वाटेमाला तथा अमेरिका से हैं।

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