बाढ़ पीड़ितों के खातों में भेजी गई छह हजार की सहायता राशि.

0
70

राज्य सरकार की ओर से  बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में  छह-छह हजार सहायता राशि भेजने की शुरुआत सीएम नीतीश कुमार ने कर दी है. आपदा प्रबंधन  विभाग ने जिलों से तैयार सूची के आधार पर पीड़ित परिवारों के खातों  में सहायता राशि भेजी गई है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व पब्लिक फाइनाइंस मैनेजमेंट सिस्टम  के माध्यम से छह-छह हजार रुपये भेजे जायेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को विधानमंडल में  इसकी घोषणा की थी.

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व पब्लिक फाइनाइंस मैनेजमेंट सिस्टम  के जरिये भेजी जाएगी राशि
आज ही साढ़े तीन लाख परिवारों के खातों में 6-6 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं ये राशि लाभुकों के खातों में DBT और पब्लिक फाइनांस मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से देंगे. लगभग साढ़े तीन लाख परिवारों को इस तत्काल मदद का लाभ मिलेगा.

सरकारी आंकड़ों में 78 की मौत
बता दें कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार बिहार में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 है, जबकि गैर आधिकारिक सूत्रों से ये 100 से ऊपर चला गया है.

यह भी पढ़े  अंतिम चरण के चुनाव में राजद ने अपनी पूरी ताकत झोंकी

55 लाख की आबादी बाढ़ प्रभावित
गौरतलब है कि 12 जिले के 97 प्रखंड के 921 पंचायत बाढ़ प्रभावित है और बाढ़ की चपेट में लगभग 55.40 लाख की आबादी है. इनमें से एक लाख 13 हजार 721 लोगों ने 130 राहत शिविरों में शरण ले रखी है.

सीएम ने की थी राहत की घोषणा
गौरतलब है कि गत 16 जुलाई को सीएम ने विधानसभा में कहा था कि बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर सरकार सजग, सचेत और संवेदनशील है और शुक्रवार से प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवारों को 6 हजार रुपये की सहायता राशि का वितरण शरू होगा.

आपदा विभाग के  प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को बताया कि विभाग शुक्रवार से आपदा  पीड़ितों के खाते में सहायता राशि के छह हजार रुपये भेजने का प्रबंध कर  लिया है. प्रधान सचिव ने बताया कि पहली बार बाढ़ राहत की सहायता राशि  राज्य स्तर से लाभार्थियों के बैंक खाते में जायेगा. विभाग के मुताबिक  जिलों से प्रभावित परिवारों के नाम, उनका खाता संख्या और मोबाइल नंबर पहले  ही एकत्र कर लिया जायेगा. आपदा को मिली सूची को जिलों में आपदा के पोर्टल  पर अपलोड कर दिया जायेगा.
वहीं, पैसा देने के पूर्व लाभार्थियों के बैंक  एकाउंट की जांच पीएफएमएस प्रणाली से होगी और खाता जांच के बाद राज्य स्तर  से ही सीधे उनके बैंक खाते में राशि भेजा जायेगा. इसकी शुरुआत उन जिलों से  शुरू हो जायेगी, जहां से रिपोर्ट मिल गयी है. प्रधान सचिव ने बताया कि  सहायता राशि मुहैया कराने के बाद पीड़ित परिवार के मुखिया के मोबाइल नंबर  पर मैसेज भी भेजा जायेगा. राज्य में पचीस लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित  हुए हैं.
उन्होंने बताया कि  पहले दो से तीन महीना सहायता राशि के भुगतान  में बीत जाता था. बिचौलिये भी हावी होते थे, और बैंकों में पैसा बिना बाटे  ही रह जाता था. राज्य सरकार ने पहली बार ऐसी व्यवस्था की है, जिसमें न  बैंकों की भूमिका होगी और ना  ही बिचौलिये कुछ कर पायेंगे.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिविरों में रहनेवाले को मिलेगा खाद्यान्न
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी से बचने के लिए ऊंचे स्थानों में बने शिविरों में रहनेवाले लोगों को खाद्यान्न मिलेगा. प्रभावित क्षेत्रों में पीडीएफ दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है. जहां पानी अधिक नहीं है.
उन गांवों में राशन दुकानदार द्वारा लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है. जहां काफी मात्रा में पानी है. लोग अपने घरों को छोड़ कर ऊंचे स्स्थानों पर उेरा डाले हुए हैं. ऐसे जगहों को चिहिंत कर वहां खाद्यान्न वितरण होगा. खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी डीएम को खाद्यान्न की आपूर्ति कराने के संबंध में कहा है. विभागीय सूत्र ने बताया कि 12 जिले बाढ़ प्रभावित हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here