आज से बदल जायेंगी कई चीजें, सूबे में बिजली दरें हुई महंगी

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शहरी उपभोक्ताओं को देना होगा 40 से 60 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा ,ग्रामीण उपभोक्ताओं को 40 से 45 पैसे अधिक देना पड़ेगाफिक्स चार्ज में नहीं की गयी है कोई वृद्धि

वित्तीय वर्ष 2017-18 शनिवार को समाप्त हो गया और इसके साथ ही कई नियम भी बदल गये हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में सरकार द्वारा किये गये कई बदलाव लागू हो रहे हैं जिनका असर लगभग हर व्यक्ति पर पड़ेगा। इन नियमों का पालन राज्य की जनता को करना होगा। ऑनलाइन होंगे ट्रेजरी के कार्य बिहार सरकार के सभी विभागों के वित्तीय और ट्रेजरी संबंधी कार्य ऑनलाइन होंगे। इसके लिए वित्त विभाग ने समेकित वित्तीय प्रबंधन पण्राली बनाई है। रेलवे में ऑनलाइन टिकट बुकिंग एक अप्रैल से सस्ती हो जायेगी। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन लेन-देन को बढ़ावा देने के मद्देनजर एक अप्रैल से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें सस्ती हो जायेंगी। बिहार में नये वित्तीय वर्ष से किसी भी विभाग और वित्त विभाग द्वारा आवंटित राशि की ऑनलाइन सूचना विभाग और ट्रेजरी को दी जायेगी। राशि निकासी के लिए ट्रेजरी में हाथों-हाथ बिल जमा करने के लिए जाने की मजबूरी नहीं होगी। आवंटन के साथ ही बिल भी ट्रेजरी भेजे जा सकते हैं, ट्रेजरी ऑनलाइन ही बिल भी पास करेगा। ई वे बिल आज से होगा लागूकेंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में कई तरह के बदलाव किये हैं और इसके साथ ही आयकर कानून में भी कुछ बदलाव हुये हैं। साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़ा ई वे बिल भी रविवार से लागू होने जा रहा है जो एक राज्य से दूसरे राज्य में 50 हजार रुपये से अधिक के माल की ढुलाई पर लगेगा। सरकार ने बजट में 14 वर्षो के बाद शेयरों की बिक्री से एक लाख रुपये से अधिक के पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत कर (एलटीसीजी) लगाने का प्रस्ताव किया था। अभी एक साल के भीतर शेयर बिक्री से होने वाले लाभ पर 15 प्रतिशत कर लगता है। कारपोरेट कर को कम करने के अपने वादे के मुताबिक केंद्र सरकार ने इस वर्ष के बजट में 250 करोड़ रुपये सालाना कारोबार वाली कंपनियों के लिए कर की दर कम कर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था। इसके दायरे में 99 प्रतिशत कंपनियां आती हैं। आयकर की दरों में नहीं हुआ है कोई बदलावसरकार ने आयकर और उसके स्लैब को यथावत रखते हुये वेतन भोगियों और पेंशन भोगियों के लिए 40,000 रुपये की मानक छूट देने की घोषणा की है। इसके बदले 19,200 रुपये के परिवहन भत्ता और 15,000 रुपये तक के चिकित्सा व्यय पर मिल रही छूट समाप्त कर दी गयी है। आयकर पर 3 प्रतिशत की जगह 4 प्रतिशत स्वास्य एवं शिक्षा उपकर लगेगा। इक्विटी म्यूचुअल फंड कम्पनी निवेशक को लाभांश देते समय उसपर 10 प्रतिशत कर कटौती करेगी। कर जमा करने की जिम्मेदारी निवेशक वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर मुक्त ब्याज आय की सीमा पांच गुना बढ़ाकर 50,000 रुपये सालाना कर दी गई है। इसी तरह आयकर कानून की धारा 80 डी के तहत स्वास्य बीमा प्रीमियम पर किए गए भुगतान और चिकित्सा व्यय पर कर कटौती की सीमा भी 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। प्रधानमंत्री वंदना योजना में निवेश सीमा 7.5 लाख रुपये से बढ़कर 15 लाख रुपये हो गई है। 31 मार्च, 2020 तक इसमें जमा पर 8 प्रतिशत सुनिश्चित ब्याज मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों के इलाज के लिए एक लाख रुपये तक के खर्च पर कर छूट मिलेगी।

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 समान काम का समान वेतन दिए जाने व सेवा अवधि 60 वर्ष तक किए जाने समेत कई मांगों को लेकर सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे 15 हजार से ज्यादा कार्यपालक सहायक शनिवार को छठे दिन भी हड़ताल पर रहे जिससे सचिवालय समेत प्रमंडल, जिला, अनुमंडल व प्रखंड मुख्यालयों में कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ा। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ (बेएसा) के बैनर तले हड़ताल की जा रही है। कार्यपालक सहायकों ने पटना से लेकर विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन किया। पटना के गर्दनीबाग में संघ के जिलाध्यक्ष अभिषेक अनुराग के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष आशीष कुमार, महासचिव वेलाल अहमद, सचिव सुधीर कुमार सिंह एवं उपाध्यक्ष जय कुमार मिश्रा, उपेन्द्र कुमार समेत सैकड़ों कार्यपालक सहायकों ने प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर नारेबाजी की।

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