आज विदा हो जायेंगे पितृ

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पटना। पितृपक्ष में पितृ धरती पर उतरते हैं और पितृ विसर्जन यानि श्राद्ध पक्ष की अमावस्या (महालया अमावस्या) को पितृ हमसे विदा हो जाते हैं। पितृ विसर्जन मूलत: पितृपक्ष की समापन वेला बुधवार को होगा। कहते हैं कि जो अपने अस्तित्व को सम्मान देकर पितृ को प्रतीक स्वरूप अन्न-जल प्रदान करता है, उससे प्रसन्न होकर पितृ सहर्ष शुभाशिष प्रदान कर अपने लोक में लौट जाते हैं। आश्विन महीने की अमावस्या को महालया होती है। दशहरे के पहले जो अमावस्या की रात आती है उसे महालया अमावस्या के नाम से जाना जाता है। एक तरह से इसी दिन से नवरात्र की शुरुआत भी हो जाती है। अमावस्या का समय : वैसे तो अमावस्या मंगलवार को दोपहर 11.52 से ही शुरू हो गयी थी। बावजूद इसके महालया अमावस्या बुधवार को होगा। क्योंकि, हिन्दू धर्म के मुताबिक तिथि की शुरुआत उदया तिथि से होती है। ऐसे में सूर्योदय 20 सितम्बर को (वाराणसी में 5.46, पटना, रांची में 5 बजकर 37 मिनट, लखनऊ में 5.55, दिल्ली में 6 बजकर 9 मिनट और मुंबई में 6 बजकर 27 मिनट पर) होगा। लिहाजा पितृ विसर्जन का पर्व 20 सितम्बर को मनाया जाएगा, और यह पूरे दिन मान्य होगा। 

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