आगामी शैक्षणिक सत्र से यूएमआईएस लागू करें विवि : राज्यपाल

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राज्यपाल सह कुलाधिपति लाल जी टंडन ने बिहार राज्य के विविद्यालयों में डिजिटलाइजेशन/पूर्ण कम्प्यूटरीकरण की प्रक्रिया को विभिन्न चरणों में आगामी शैक्षणिक सत्र में हर हालत में पूरा कर लेने का सख्त निर्देश दिया है, ताकि उच्च शिक्षा की गतिविधियों में तकनीकी सुविधाएं बढ़ सकें एवं क्रियाकलापों में पूर्ण पारदर्शिता भी समाहित हो सके। इस क्रम में राज्यपाल सह कुलाधिपति श्री टंडन ने अपने निर्देश में कहा है कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इन्फॉर्ममेंशन सिस्टम का कार्यान्वयन आगामी शैक्षणिक सत्र में होना है, इसलिए सभी विविद्यालय कार्यकारी एजेंसी के निर्धारण की प्रक्रिया आगामी 15 जनवरी, 2019 तक पूरी कर लें। जानकारी के अनुसार अधिकतर विविद्यालयों ने निविदा-प्रकाशन की कार्रवाई पूरी करते हुए निर्धारित तिथि तक निविदा निष्पादन का कार्य पूर्ण कर लेने की सूचना दी है। राज्यपाल श्री टंडन ने अपने निर्देश में कहा है कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इन्फॉर्ममेंशन सिस्टम के प्रथम चरण में स्टूडेंट लाइफ साइकिल के विभिन्न घटकों से जुड़े सभी कायरे को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही प्रारंभ करा दिया जाये। ज्ञातव्य है कि स्टूडेंट लाइफ साइकिल के प्रथम चरण में छात्रों के नामांकन/प्रवेश, निबंधन, उपस्थिति, इंटरनल इवेल्यूएशन तथा परीक्षा विषयक समस्त कार्य-जिनमें परीक्षा फॉर्म भरने, परीक्षा शुल्क की अदाएगी, केन्द्र निर्धारण, प्रवेश पत्र वितरण से लेकर, परीक्षाफल प्रकाशन, अंक पत्र वितरण, प्रमाण पत्र एवं डिग्री वितरण पूरे किये जाने हैं। मालूम हो कि सभी विविद्यालयों को इन कायरे को विकेन्द्रीकृत रूप से संपादित करने के लिए पूर्व में ही अधिकृत किया जा चुका है। राज्यपाल श्री टंडन ने सभी विविद्यालयों को कहा है कि अलग-अलग विविद्यालयों में अलग-अलग कार्य एजेंसियां होने के बावजूद, गुणवत्ता में एकरूप उत्कृष्टता होनी चाहिए। राज्यपाल श्री टंडन विविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता विकसित करने के क्रम में पुस्तकालयों जुड़ी गतिविधियों को भी आधुनिकीकृत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने छात्रावास-नामांकन एवं प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को कम्प्यूटरीकृत करने के साथ-साथ, पुस्तकालयों में पुस्तकों के संधारण एवं उनकी वितरण-व्यवस्था को भी कम्प्यूटरीकृत करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल श्री टंडन ने सभी विविद्यालयों को कहा है कि कम्प्यूटरीकरण की इस पूरी प्रक्रिया में डाटाबेस का स्वत्वाधिकार/स्वामित्व पर संपूर्ण अधिकार विविद्यालयों का ही हर हालत में होना चाहिए। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि राज्य के विविद्यालयों में लागू हो जाने के बाद विविद्यालयों द्वारा कार्य निष्पादन में तेजी आएगी तथा नियमानुकूलता, पारदर्शिता और तत्परता बढ़ेगी, जिससे उच्च शिक्षा की सुधार प्रक्रिया को गति मिल पायेगी।

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