आईजीआईएमएस, पीएमसीएच और एनएमसीएच को 25-25 सौ बेड का अस्पताल बनाने का लक्ष्य

0
56
Patna-Feb.12,2018-Bihar Chief Minister Nitish Kumar, Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi, Bihar Health Minister Mangal Pandey and others are releasing 34th annual report during annual convocation of Indira Gandhi Institute of Medical Sciences (IGIMS) in Patna.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को आईजीआईएमएस के चौथे वार्षिक दीक्षांत समारोह के अवसर पर आईसीयू का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के आईसीयू, एनआईसीयू और एडवांस कार्डियक सेंटर का निरीक्षण भी किया। संस्थान के निदेशक डॉक्टर एनआर विास ने मुख्यमंत्री को श्ॉाल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। प्रतीक चिन्ह में संस्थान के नव निर्माणाधीन भवन की 3-डी छवि है जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री ने वर्ष 2011 में किया था। दीक्षांत समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के ऑडिटोरियम में संस्थान के 34 वर्षो की यात्रा में हासिल की गई उपलब्धियों से संबंधित कॉफी टेबुल बुक का लोकार्पण किया। समारोह में 22 छात्र-छात्राओं को पदक और प्रशस्ति पत्र जबकि 122 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गयी। 26 जनवरी को संस्थान के छात्र-छात्राओं ने दहेज प्रथा के खिलाफ नाटक का मंचन किया था जिसके वीडियो क्लिप का अवलोकन मुख्यमंत्री ने किया और इस नाटक की सराहना की। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान का विस्तार होना चाहिए। इसे 2500 बेड बनाने का लक्ष्य रखिये। पीएमसीएच को र्वल्ड क्लास जबकि एनएमसीएच को 2500 बेड का बनाने का हमारा लक्ष्य है। इस संस्थान में 100 एमबीबीएस की सीट है और हमलोगों की इच्छा है कि यह 250 हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स पटना से इस संस्थान की चिकित्सकीय गुणवत्ता के संदर्भ में प्रतिस्र्पद्धा होनी चाहिए। उन्होंने कहा की लीवर ट्रांसप्लांट मामले में देर हो रही है। इस दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पता नहीं किन कारणों से पूर्व में काफी लोग इस संस्थान को छोड़कर चले गए। इक्वीपमेंट की खरीदारी में विजिलेंस इनक्वायरी एक कारण रही होगी। दीक्षांत समारोह में पहले से चली आ रही लिबास पहनने की परम्परा में बदलाव का अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंग्रेजों की देन है। इसमें बदलाव की आवयकता है। सफाई नहीं होने के कारण मेडिकल दृष्टिकोण से भी यह उचित नहीं है। इसकी जगह स्कार्फ जिस पर दीक्षांत समारोह लिखा हुआ हो या अन्य जो आप उचित समझें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समारोह में मनुष्य को आनंदित होना चाहिए जबकि इस लिबास में अनकम्फर्ट फील होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्य के क्षेत्र में 3400 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है इसलिए पैसे की कोई कमी नहीं है। छात्रों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग डॉक्टर को दूसरा भगवान मानते हैं इसलिए पैसे के पीछे न भागकर मन में सेवा का भाव रखें। उन्होंने कहा कि कफन में जेब नहीं होती और न ही जरूरत से ज्यादा पैसा होने पर हम रोटी की बजाय सोना या हीरा खा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को पीने का स्वच्छ पानी और खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए तो 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। समारोह को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय और आईजीआईएमएस के निदेशक प्रो. डॉ. एनआर विास ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधान स्वास्य सचिव संजय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष वर्मा, आरएमआरआई के निदेशक डॉ. पीके दास, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल समेत कई चिकित्सक एवं आईजीआईएमएस के पूर्व निदेशक एके चौहान, आईजीआईएमएस के डीन डॉ. एसके शाही, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

यह भी पढ़े  4 साल में कुशासन से सुशान की ओर बढ़ा रहा है हमारा देश :पीएम मोदी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here