अयोध्या जमीन विवाद मामले में फिर से मध्यस्थता की मांग, पैनल के तीन जजों को लिखी गई चिट्ठी

0
51

अयोध्या जमीन विवाद मामले में एक बार फिर नाय मोड आता दिख रहा है. दरअसल, इस पूरे मामले में एक फिर से मध्यस्थता की मांग की गई है. यह मांग सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने की है. बोर्ड ने इसे लेकर मध्यस्थता पैनल के तीन जजों को चिट्ठी भी लिखी है. बता दें कि इस मांग को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है. इससे पहले अयोध्या भूमि विवाद मामले की सुनवाई के दौरान कुछ दिन पहले ही मुस्लिम पक्षकारों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने अपनी कानूनी टीम के क्लर्क को धमकी की जानकारी कोर्ट को दी थी. धवन ने कोर्ट से कहा था कि ऐसे गैर-अनुकूल माहौल में बहस करना मुश्किल हो गया है. धवन ने कोर्ट को बताया था कि यूपी में एक मंत्री ने कहा है कि अयोध्या हिंदूओं की है, मंदिर उनका है और सुप्रीम कोर्ट भी उनका है. मैं अवमानना के बाद अवमानना दायर नहीं कर सकता.

यह भी पढ़े  अगर यह वेकेशन है तो 18 साल में यह मेरा पहला वेकेशन है : MANvsWILD में पीएम मोदी

उन्होंने पहले ही 88 साल के व्यक्ति के खिलाफ अवमानना दायर की है. वहीं न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक धवन ने कोर्ट को यह भी बताया कि बुधवार को शीर्ष अदालत के परिसर में कुछ लोगों ने उनके लिपिक की पिटाई कर दी थी. इस पर CJI रंजन गोगोई ने कहा था कि कोर्ट के बाहर इस तरह के व्यवहार की निंदा करते हैं. देश में ऐसा नहीं होना चाहिए. हम इस तरह के बयानों को रद्द करते हैं. दोनों पक्ष बिना किसी डर के अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखने के लिए स्वतंत्र हैं.

इसके साथ ही सीजेआई रंजन गोगोई ने राजीव धवन से पूछा था कि क्या वो सुरक्षा चाहते हैं? इसके बाद धवन ने इनकार कर किया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ये भरोसा दिलाना ही काफी है. वहीं, बुधवार को 21 वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने पक्ष रखा था. राजीव धवन ने कहा था कि संविधान पीठ को दो मुख्य बिन्दुओं पर ही विचार करना है. पहला विवादित स्थल पर मालिकाना हक किसका है और दूसरा क्या गलत परम्परा को जारी रखा जा सकता है. राजीव धवन ने सन 1962 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया और कहा था कि जो गलती हुई उसे जारी नहीं रखा जा सकता, यही कानून के तहत होना चाहिए.

यह भी पढ़े  आम बजट 2019 - लोकसभा में मोदी 2.0 का पहला पूर्ण बजट संसद में वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here