अयोध्या केस: दसवें दिन की सुनवाई में हिंदू पक्ष की दलीलें, जानें किसने क्या कहा

0
48

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई हुई। आज इस सुनवाई का 10वां दिन था। इसमें याचिकाकर्ता गोपाल सिंह विशारद की ओर से वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने अपनी दलीलें शुरू की। अयोध्या विवाद सुनवाई में क्या तर्क दिए गए और जजों ने उसपर क्या कहा जानिए

रंजीत कुमार: मेरी दलीलें वकील परासरन और वैद्यनाथन द्वारा दिए गए उन तर्कों से सहमत हैं जो ये साबित करते हैं कि उक्त जमीन खुद में दैवीय भूमि है। भगवान राम का उपासक होने के नाते मेरा मेरा वहां पर पूजा करने का अधिकार है। यह मेरा सामाजिक अधिकार है, जिसे हटाया नहीं जा सकता। ये वो जगह है जहां भगवान राम का जन्म हुआ था। मैं यहां पर पूजा करने का अधिकार मांग रहा हूं।

इसके बाद वकील रंजीत कुमार ने ट्रायल कोर्ट के सामने पेश किए गए दस्तावेजों को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा

वकील रंजीत कुमार: (80 साल के अब्दुल गनी की गवाही का हवाला देते हुए) गनी ने कहा था बाबरी मस्जिद जन्मस्थान पर बनी है ब्रिटिश राज में मस्जिद में सिर्फ जुमे की नमाज होती थी। हिन्दू भी वहां पर पूजा करने आते थे। मस्जिद गिरने के बाद मुस्लिम ने नमाज पढ़ना बंद कर दिया लेकिन हिंदुओं ने जन्मस्थान पर पूजा जारी रखी।

यह भी पढ़े  3 फरवरी को आयोजित रैली के जरिये बिहार में चुनावी शंखनाद भी करेगी कांग्रेस

सुप्रीम कोर्ट: क्या उन मुसलमान गवाहों से क्रॉस एग्जामिन किया गया था?

रंजीत कुमार: उनका क्रॉस एग्जामिन नहीं किया गया, लेकिन वह लोग खुद सामने आए थे और उन्होंने बयान दिया था। रंजीत कुमार ने कई गवाहों के बयान का जिक्र किया।

इससे पहले 9वें दिन रामलला विराजमान के बाद अब राम जन्मस्थान पुनरुद्धार समिति की ओर से सीनियर एडवोकेट पीएन मिश्रा ने अपनी दलीलें दी थीं। सुनवाई के 9वें दिन रामलला के वकील सीएस वैद्यनाथन और फिर राम जन्मस्थान पुनरुद्धार समिति की तरफ से पीएन मिश्रा ने दलीलें दीं। सीएस वैद्यनाथन ने कोर्ट से कहा कि अयोध्या में जन्मभूमि पर देवता का अवतरण नाबालिग के तौर पर निरंतर बना हुआ है। नाबालिग की संपत्ति से किसी भी तरह से उन्हें विमुख नहीं किया जा सकता।

इसके बाद पीएन मिश्रा की दलीलें शुरू हुईं। उन्होंने कहा कि स्कंद पुराण में बताया गया है कि कहां जन्मस्थान है। इसपर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जस्टिस बोबडे ने कहा कि वह मैप से लोकेशन शेयर करें।

यह भी पढ़े  AK-47 मामले का आरोपी परवेज चांद गिरफ्तार

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस संवैधानिक पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर भी शामिल हैं। पूरा विवाद 2.77 एकड़ की जमीन को लेकर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here