अमित शाह ने एक तीर से साधे कई निशाने

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने बिहार दौरे में एक तीर से कई निशाने साधे हैं। अपने मजबूत घटक दल जदयू से रिश्ते मजबूत किए। सीट बंटवारे पर सार्थक र्चचा की। साथ ही संगठन को चुस्त कर कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त उत्साह भरा।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गर्मजोशी से दो बार की मुलाकात से दोनों दलों के बीच कई विवादित मसले सुलझे हैं। एक तो दोनों दलों की तरफ से कोई भी नेता ऐसा काम या कदम नहीं उठाएगा जिससे आपसी टकराहट बढ़े। सूत्रों के अनुसार भाजपा के सभी प्रवक्ताओं को जदयू के खिलाफ कुछ भी प्रतिकूल टिप्पणी करने से मना कर दिया गया है। दूसरी तरफ जदयू के प्रवक्ता भी भाजपा के खिलाफ कुछ भी नहीं बोलेंगे। दोनों दलों के समक्ष मिशन 2019 को फतेह करने पर जोर दिया गया है। दोनों दल मिलकर विरोधी दलों को निशाना बनाएंगे। सूत्रों के अनुसार सीट बंटवारे पर सार्थक फॉमरूले पर र्चचा हुई है। एक-दो सीटिंग में फॉमरूले को फाइनल किया जाएगा। एनडीए के सभी वरिष्ठ नेता संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में सीट बंटवारा फॉमरूला को घोषित करेंगे। खास है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने मैराथन दौरे में पार्टी संगठन में नया उत्साह भर दिया है। त्रिशक्ति केन्द्रों के प्रभारियों को बापू सभागार में जब अमित शाह संबोधित कर रहे थे तो प्रदेश भर से आए कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह दिख रहा था। शाह भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि वर्ष 2019 में एनडीए की ही सरकार बनेगी। जनता से संवाद के लिए कई कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। तैयार कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को समाज के सभी वगरे से संपर्क करना है। मठ, मंदिर के साधु संतों का भी सत्कार करना है। उनकी सुधि लेनी है। भाजपा ने मिशन 2019 के लिए आक्रामक योजना तैयार की है। सभी कार्यकताओं को होमवर्क दिया गया है। होमवर्क के तहत भाजपा बू्थ स्तर पर तीन पदाधिकारियों (त्रिशक्ति) को खड़ा कर रही है। यदि बूथ कमजोर है तो त्रिशक्ति इस बारे में मंडल प्रभारी को सूचना देंगे और उनका प्रवास कमजोर वाले बूथ में तय करेंगे। फिर मंडल प्रभारी उस बूथ को सशक्त करने का काम करेंगे। बूथ पर छह राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन करना है। 11 फरवरी को समर्पण दिवस, 06 अप्रैल को स्थापना दिवस, 23 जून को बलिदान दिवस, 25 सितम्बर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती, 06 दिसम्बर को समरसता दिवस व 25 दिसम्बर को अटल बिहार वाजयपेयी के जन्मदिवस को सुशासन दिवस मनाना है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आगमन से कायर्कताओं में जबर्दस्त उत्साह का संचार तो हुआ ही है। साथ ही प्रदेश पदाधिकारियों व वरिष्ठ नेताओं में भी एकजुटता का संदेश दिया। शाह ने एक तरह से पार्टी को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। 

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